राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से 5 जुलाई को जिला के सभी सरकारी स्कूलों में छठी से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को आयरन की नीली गोलियां खिलाई जाएगी। ये जानकारी सिविल सर्जन डॉ. अशोक चौधरी ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि अनीमिया के बचाव के लिए आयरन की नीली गोलियां खाने से न घबराए। अनीमिया खत्म करने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में मंगलवार से आयरन की नीली गोलियां दी जाएगी। अगर कोई बच्चा आयरन की गोली खाने से वंचित रहता है तो उसे अगले दिन संबंधित स्कूलों के अध्यापकों की सहायता से आयरन की गोली खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों में किसी प्रकार की बीमारी न होने से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।
ये रखे सावधानी
सिविल सर्जन ने बताया कि हमेशा नींबू पानी के साथ ही आयरन की गोली लें खाली पेट गोली न लें। गोली लेने के बाद कोल्ड ड्रिंक, दूध और उससे बनी चीजें जैसे मिठाई, दही, लस्सी इत्यादि न खाएं। गोली को चबाकर न खाए। उन्होंने कहा कि आयरन की गोली खाने से किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। यह शरीर में आयरन की कमी को पूरा करती है और अन्य मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।