फतेहाबाद। जिले में नियमों की अनदेखी करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। 41 केमिस्ट दुकानों की जांच में अनियमितताएं मिलने पर छह के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। डीसी ने दवा बिक्री और रिकॉर्ड की नियमित जांच के निर्देश दिए।
लघु सचिवालय सभागार में वीरवार को डीसी डॉ. विवेक भारती की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की मासिक बैठक हुई। इसमें नशे की रोकथाम, तस्करों पर कार्रवाई, नशा मुक्ति, उपचार और जागरूकता अभियान की समीक्षा की गई। ड्रग कंट्रोलर दिनेश राणा ने बताया कि जिले की सभी केमिस्ट दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
डीसी ने दुकानों पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। एसपी निकिता खट्टर ने बताया कि पिछले माह नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई। गुरुनानकपुरा क्षेत्र में नशे के दो नेटवर्क भी ध्वस्त किए गए हैं।
जिला कल्याण अधिकारी विनोद चावला ने बताया कि पिछले माह जिले के आठ नशा मुक्ति केंद्रों में 347 लोगों का उपचार किया गया। नशा पीड़ितों को उपचार, पुनर्वास और जागरूकता सुविधाएं दी जा रही हैं। केंद्रों की नियमित जांच भी की जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि एमपीएचडब्ल्यू और पुलिस की नशा मुक्ति टीम संयुक्त जागरूकता अभियान चलाएंगी। डीसी ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों में भी नशा मुक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा रोकथाम, उपचार और पुनर्वास में सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
बैठक में डीएमसी प्रवीण कुमार, डीडीपीओ अनूप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. बुधराम, उपनिदेशक अमित पंवार, जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल, डीईओ संगीता बिश्रोई, जिला कल्याण अधिकारी विनोद चावला, ड्रग कंट्रोलर दिनेश राणा, जिला रेडक्रॉस सचिव रवि हुड्डा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।