भूना। बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने गुप्त सूचना के आधार पर चंदन नगर में पहुंचकर नाबालिग लड़की का विवाह रूकवाया। बारात आने से पहले ही बाल विवाह निषेध अधिकारी के नेतृत्व में टीम घर पर पहुंची और लड़की के परिवार को समझाकर कार्यक्रम रूकवाया। साथ ही दूल्हा पक्ष को फोन कर जींद जिले के गांव डूमरखां से चली बारात वापस ले जाने के लिए कहा। इसके बाद लड़की पक्ष के लोगों में मायूसी छा गई और कुछ देर पहले जहां माहौल खुशियों भरा था, वहां सन्नाटा पसर गया।
जानकारी के अनुसार चंदन नगर में एक परिवार की एक बेटी का विवाह वीरवार को तय किया गया था। इसके लिए परिवार द्वारा जोरशोर से तैयारियां की जा रही थी। मंडप सजा दिया गया था और टेंट लगाकर पार्टी की तैयारियां पूरी कर ली गई थी। वीरवार दोपहर बाद बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल को गुप्त सूचना मिली कि नाबालिग लड़की का विवाह किया जा रहा है और बरात आने वाली हैं। सूचना मिलते ही उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को सूचना देकर मौके पर भेजा और फतेहाबाद से टीम पहुंची। परिवार वालों से बात की गई। बताया जा रहा है कि लड़की की उम्र साढ़े 17 साल पाई गई। बाल विवाह निषेध अधिकारी ने परिवार वालों को बाल विवाह कानून और दंड के बारे में समझाया। इसके बाद परिवार 18 वर्ष के बाद ही विवाह करवाने को लेकर राजी हुआ। लड़की का विवाह डूमरखां निवासी युवक के साथ तय किया गया था। उन्हें फोन कर बारात न लाने की बात कही। इस संबंध में बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि परिवार को समझा कर शादी को रुकवा दिया है जबकि बारात को रास्ते से ही वापस जाने के लिए निर्देश दिए गए।