रतिया में पकड़े गए ट्रकों की जांच करने पहुंची मार्केट कमेटी की टीम।
रतिया। बाहरी राज्यों से आ रहे धान और चावल की आवक पर रोक लगाने के लिए उपमंडल प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया है। शुक्रवार दोपहर को मार्केट कमेटी के सचिव ने फतेहाबाद रोड पर धर्मकांटे के पास दूसरे राज्यों से धान व चावल लेकर आए 7 ट्रकों पर कार्रवाई की।
सचिव ने चालकों से दस्तावेज मांगे तो उन्होंने जवाब दिया कि चावल और धान के दस्तावेज तो कंपनी ट्रेडर का कारिंदा लेकर चला गया। इस पर सचिव ने ट्रकों को मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने खड़ा करवा दिया। वहीं, कुछ अन्य बाहर से चावल लेकर आए ट्रकों के बिल जांच के लिए इनकम टैक्स, सेल टैक्स व जीएसटी विभाग को सौंप दिए।
जानकारी के अनुसार एसडीएम जगदीश चंद्र को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश व बिहार से धान व चावल के भरे कुछ ट्रक फतेहाबाद रोड पर धर्मकांटे के पास खड़े हैं। जिस पर उन्होंने कार्रवाई के लिए मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र कुंडू को मौके पर भेज दिया। कुंडू ने मौके पर पहुंचकर ट्रकों के चालकों से बिल मांगे तो उन्होंने कहा कि वे तो ट्रेडर का कारिंदा लेकर चला गया। इस पर कुंडू ने कारिंदे से बिल लेकर आने को कहा। मगर वह कई घंटे तक धान व चावल के बिल लेकर नहीं आया।
सात ट्रकों में से तीन में धान भरी हुई थी जबकि चार ट्रकों में चावल भरे हुए थे। यह सभी ट्रक बिहार राज्य से आए हुए थे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब संचालक बिल लेकर नहीं पहुंचा तो सचिव ने धान से भरे ट्रक कब्जे में लेकर उन्हें मार्केट कमेटी के सामने खड़ा करवा दिया। इस जांच के दौरान बिहार से भरे हुए तीन ट्रक जब वहां से गुजर रहे थे तो मार्केट कमेटी सचिव ने उन्हें भी रुकवा लिया। उक्त ट्रक के बिल में अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी रतिया का एड्रेस दर्ज था।
मार्केट कमेटी सचिव ने तीनों बिल इनकम टैक्स व जीएसटी विभाग को जांच के लिए भेज दिए। सचिव कुंडू ने बताया कि देर शाम तक भी 7 ट्रकों का कोई भी मालिक बिल लेकर नहीं आया, जिस कारण अभी ट्रकों को कब्जे में लिया हुया है। अगर इस माल का कोई मालिक नहीं बनता तो नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।