नगर परिषद एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बुधवार दोपहर को चिल्ली झील की जमीन की निशानदेही शुरू कर दी। बिल्डिंग इंस्पेक्टर विकास बजाज, जेई हितेंद्र राठी, सुखविंद्र धुुड़िया, कानूनगो सुशील कुमार, अमर सिंह पटवारी, शशि पटवारी की टीम ने निशानदेही के काम शुरू किया। हालांकि, बुधवार को निशानदेही पर गए नप अधिकारियों के साथ स्थानीय निवासियों ने बहस की। इसे निशानदेही से चिल्ली को झील बनाने की दिशा में इसे प्रशासन का पहला कदम माना जा सकता है। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो चिल्ली क्षेत्र में उनकी तकरीबन साढ़े 27 कनाल जमीन है।
इसमें कुछ जगहों पर स्थानीय निवासियों ने अवैध कब्जे किए हैं। नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर विकास बजाज एवं एमई एचके शर्मा की मानें तो जल्द ही इन अवैध कब्जाधारियों को नप की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद इन अवैध कब्जों को हटाकर चिल्ली को झील बनाने का कार्य औपचारिक रूप से शुरु किया जा सकता है।
नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार चिल्ली झील के सौंदर्यीकरण और पार्क की स्थापना के लिए सरकार ने बजट जारी कर दिया है। चिल्ली को 14 फुट तक खोदकर शहर का बरसाती पानी चिल्ली में डाला जाएगा। सीवरेज के पानी को हुडा द्वारा बनाए गए माजरा रोड पर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट और खैराती रोड स्थित जन स्वास्थ्य विभाग के ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाएगा। चिल्ली झील को जोहड़ की तरह ईंटों से चिनाई कर नीचे से ऊपर तक पक्का बनाया जाएगा।
चिल्ली झील की जगह की निशानदेही का काम बुधवार से शुरू कर दिया गया है। प्रदेश सरकार और नगर परिषद शहरवासियों को चिल्ली झील का तोहफा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में काम आरंभ होगा।
एचके शर्मा, एमई नगर परिषद, फतेहाबाद ।