पराली प्रबंधन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित करते एसडीएम आकाश शर्मा। सूचना विभाग
टोहाना। पराली प्रबंधन को प्रभावी तरीके से लागू करनेकरने के लिए एसडीएम आकाश शर्मा ने बुधवार को डांगरा रोड स्थित किसान रेस्ट हाउस में पराली प्रबंधन के संबंध में ग्राम स्तर पर गठित टीमों और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक की।
एसडीएम ने सभी टीमों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहें और समय-समय पर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी और प्रशिक्षण दें। टीम के नोडल अधिकारियों को एप का प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे सुनिश्चित कर सकें कि पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार द्वारा प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि सही समय पर प्राप्त हो।
बैठक में खंड कृषि अधिकारी मुकेश मेहला, कृषि विषय विशेषज्ञ रामेश्वर दास, कृषि विषय विशेषज्ञ अजय ढिल्लो सहित ग्रामीण स्तर पर गठित टीमों के सदस्य मौजूद रहे।
एसडीएम ने सभी अधिकारियों और टीमों को कहा कि पराली प्रबंधन को सफल बनाने के लिए सक्रियता और निरंतर निगरानी बेहद जरूरी है। किसानों को प्रेरित करें और प्राकृतिक तरीके से पराली अवशोषित करने, खेत में मिलाने और आग लगाने से बचने के तरीकों के बारे में नियमित रूप से मार्गदर्शन करें। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा किसानों को जागरूक करे कि फसल अवशेष जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि भूमि की उपजाऊ क्षमता पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद जैविक पदार्थ और सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की संरचना कमजोर होती है और अगली फसलों की पैदावार प्रभावित होती है। इसके अलावा, धुआं और प्रदूषण स्थानीय वायु को प्रदूषित करके स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ाता है इसलिए पराली को खेत में अवशोषित करने या अन्य जैविक प्रबंधन विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित करे।