जाखल। शहर में लाखों रुपये की लागत से लगाई गई स्ट्रीट लाइटें अब शोपीस बनकर रह गई हैं। नगर पालिका की लापरवाही के कारण मुख्य बाजार और प्रमुख सड़कें शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाती हैं। स्थिति यह है कि शहर को रात में रोशन दिखाने के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये का बिजली बिल खर्च किया जा रहा है लेकिन धरातल पर अधिकांश स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं।
शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल चंडीगढ़ रोड पर हालात अधिक गंभीर हैं। इस सड़क पर लगे अधिकांश बिजली खंभों की स्ट्रीट लाइटें या तो पूरी तरह बंद हैं या फिर बेहद कम रोशनी दे रही हैं। स्थानीय निवासी अमरिंदर सिंह, राम कुमार, विनोद कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ रोड जाखल शहर को हरियाणा और पंजाब से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है।
इस सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा शहर की प्रमुख बाजार भी इसी मार्ग पर स्थित है। ऐसे में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होने के कारण आवारा पशु अक्सर वाहन चालकों के लिए खतरा बन जाते हैं।
अंधेरे की वजह से कई वाहन दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके अलावा रात के समय चोरी, छीना-झपटी और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। पर्याप्त रोशनी न होने के कारण संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना भी मुश्किल हो गया है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
नगरपालिका सचिव प्रवीण कुमार ने बताया कि शहर की स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और संबंधित एजेंसी को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। नगर पालिका कार्यालय में स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतों के लिए अलग से रजिस्टर भी रखा गया है। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द दुरुस्त करवाया जाएगा।