प्रशासन ने गांव बीघड़ में नाबालिग का दूसरा विवाह होने से रुकवा दिया। गुप्त सूचना के आधार पर जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने 20 अप्रैल को गांव में छापा मारा और नाबालिग की शादी रुकवा दी। किशोरी की उम्र अभी साढ़े 17 वर्ष थी।
पूछताछ में टीम को पता चला कि किशोरी का लगभग 14 वर्ष की उम्र में ही एक विवाह पहले हो चुका है और अब बिना किसी कानूनी कार्रवाई के उसकी जबरदस्ती दूसरी शादी करवाई जा रही है। किशोरी ने कहा कि मैडम, मैं अभी शादी नहीं करना चाहती।
मैं तो सिलाई सीखना चाहती हूं, लेकिन मेरे परिवार वाले मेरी जबरदस्ती शादी करवाना चाहते हैं। इसे रुकवा दें। टीम ने परिजनों को चेतावनी दी और शपथ पत्र लिया कि भविष्य में बालिग होने पर ही लड़की की शादी करेंगे।
जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि वे उस समय हैरान हो गई, जब उन्हें पता चला कि नाबालिग की तो तीन साल पहले सिरसा के गांव रूपाना बिश्नोइयां में शादी हो चुकी है। शादी के कुछ समय बाद दोनों परिवारों में विवाद हो गया, जिसके बाद 13 मार्च 2013 को दोनों परिवारों का राजीनामा हो गया, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। परजिन लड़की को अपने साथ गांव ले आए।
अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि जब हमने किशोरी से इस बारे में बात की तो किशोरी ने कहा कि मैं शादी नहीं करवाना चाहती। मैंने माता-पिता को सिलाई कोर्स सीखने के लिए कहा था, लेकिन वे नहीं माने और मेरा जबरन रिश्ता तय कर शादी करवा रहे थे।
रेखा अग्रवाल ने परिजनों को चेतावनी दी कि अगर भविष्य में इस तरह नाबालिग की शादी की तो कार्रवाई की जाएगी। रेखा अग्रवाल ने परिजनों से इस बारे में शपथ पत्र लिया और चेतावनी देकर दोबारा ऐसा न करने की बात कही।
गांव बीघड़ में एक नाबालिग की शादी होने की सूचना मिली थी। हमारी टीम तुरंत गांव पहुंची और नाबालिग का विवाह रुकवा दिया। हम जानकर हैरान रह गए कि नाबालिग की दूसरी शादी हो रही थी। पहले वाली शादी से तलाक भी नहीं हुआ था। परिजनों से भविष्य में ऐसा न करने का शपथ पत्र लिया गया है।
- रेखा अग्रवाल, जला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, फतेहाबाद