भूना के लायंस क्लब भवन में अस्थायी अस्पताल में बुजुर्ग का इलाज करने पहुंचे निजी डॉक्टर व व लायंस ?
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भूना (फतेहाबाद)। गांव दिगोह में अपने भांजे के घर आए कोरोना संदिग्ध एक बुजुर्ग की हालत बिगड़ने पर लायंस क्लब के पूर्व जोनल चेयरमैन पंकज पसरीजा ने लायंस क्लब कार्यालय को ही अस्थायी अस्पताल बना दिया। इस मरीज को टोहाना, हिसार एवं अग्रोहा में अलग-अलग कारणों से दाखिल नहीं किया गया था, जिसके बाद लायंस क्लब के पदाधिकारियों ने अपना कार्यालय उस बुजुर्ग के लिए खोल दिया, बल्कि निजी चिकित्सक व ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था भी करवाई। शुक्रवार सुबह सिविल सर्जन के संज्ञान में जब मामला लाया गया तो उन्होंने उक्त बुजुर्ग के सैंपल दिलवाकर उसे अग्रोहा मेडिकल के लिए रेफर करवा दिया।
मिली जानकारी के अनुसार दिगोह गांव के सुखजीत सिंह के 64 वर्षीय मामा को गुरुवार की देर शाम को तेज बुखार व सांस लेने में दिक्कत हो गई। जिसको टोहाना के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। मगर प्रारंभिक जांच में कोरोना संदिग्ध होने के कारण उसका इलाज करने की वजह हिसार रेफर कर दिया गया। किंतु हिसार में भी बुजुर्ग को उपचार के लिए दाखिल नहीं किया गया और ना ही कोई दवाई दी गई। हिसार से बुजुर्ग को कोरोना केयर सेंटर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां पर बुजुर्ग के दस्तावेज पंजाब के होने के कारण भर्ती नहीं किया गया, क्योंकि बुजुर्ग मूल रूप से पंजाब का था और पिछले सात महीनों से यहां आया हुआ था।
लायंस क्लब के पूर्व चेयरमैन को बताई समस्या तो उन्होंने देर रात खोला क्लब का दफ्तर
सुखजीत सिंह ने बताया कि वो वीरवार देर रात इधर-उधर भटक रहे थे और अपनी समस्या लायंस क्लब के रीजनल पूर्व चेयरमैन पंकज पसरीजा को बताई तो उन्होंने तुरंत बुजुर्ग को भूना स्थित लायंस क्लब कार्यालय लेकर आने को कहा, जब वह वहां पहुंचे तो एक निजी चिकित्सक व ऑक्सीजन आदि के साथ भूना लायंस क्लब को उन्होंने एक अस्थायी अस्पताल की तरह बनाया हुआ था। वीरवार की देर रात को पौने एक बजे बुजुर्ग को भूना लाया गया। उन्हें ऑक्सीजन दिया गया और लाइफ सेविंग इंजेक्शन लगाए गए, जिसके बाद बुजुर्ग की हालत में काफी सुधार आया। मगर शुक्रवार सुबह तक बुजुर्ग ठीक भी हो गए थे। किंतु जब कोरोना वॉरियर्स ने सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल को पूरे मामले की स्थिति से अवगत करवाया। शुक्रवार सुबह दस बजे डॉ. राजीव चौहान ने लायंस क्लब में पहुंचकर बुजुर्ग के सैंपल भी लिए हैं, लेकिन कोरोना संदिग्ध होने के कारण उन्हें सिविल सर्जन के आदेश के बाद शुक्रवार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया।
बुजुर्ग को अग्रोहा भेज दिया है
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि शुक्रवार को बुजुर्ग के सैंपल लिए गए और उसे कोरोना आशंकित होने के कारण अग्रोहा भेज दिया गया।