मौसम विभाग के पूर्व अनुमान के अनुसार शनिवार को मौसम परिवर्तनशील रहा। जिले के कई हिस्सों में खूब बारिश हुई। हालांकि फतेहाबाद शहर में हल्की बूंदाबांदी ही हुई। इससे किसानों को फायदा ये हुआ है कि उन्हें नरमे व कपास की बिजाई के लिए सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
क्षेत्र में पिछले करीब पांच दिन से मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। पांच दिन में अलग-अलग क्षेत्रों में तीन बार बारिश हो चुकी है। बीच में कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई है। इन्हीं पांच दिनों के भीतर धूल भरी हवा भी चलती रही है। मौसम के जानकारों ने पूर्व अनुमान लगाया हुआ था कि मौसम में 9 मई की रात को बदलाव शुरू हो जाएगा और 15 मई तक बदलाव जारी रहेगा। इसके चलते शनिवार यानी 15 मई को सुबह बादल छाए रहे। इसके बाद करीब 11 बजे दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ से काली घटा उठी। देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। इसके बाद धांगड़, झलनियां, जांडली कलां, भूथनकलां व भिरडाना आदि क्षेत्रों में लगभग आधे घंटे तक थम-थम कर बारिश होती रही। इसके अलावा बताया गया है कि रतिया के भी कुछ हिस्सों में बारिश हुई है। बारिश के दौरान तेज हवा भी चल रही थी। इसके चलते सड़कों पर पानी भर गया। हालांकि इसके बाद दोपहर तक मौसम साफ हो गया और हल्के बादल छाए रहे। पिछले पांच दिन से इस रहे मौसम में बदलाव के चलते गर्मी से राहत मिली हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आमतौर पर मई महीने में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री तक रहता है। अब मौसम विभाग के जानकारों का कहना है कि रविवार से मौसम दोबारा खुश्क हो जाएगा। इसके साथ ही तापमान भी बढ़ने की संभावना है। किसानों को इस बारिश से आंशिक रूप से फायदा है। खासकर जो कपास व नरमे की बिजाई करते हैं, उनके लिए। धान के रकबे में इस बारिश का न तो फायदा है और न ही नुकसान है, क्योंकि धान की रोपाई 15 जून के बाद शुरू होगी। हालांकि धान की पौध बारिश के पानी से अच्छी विकसित होती है।