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Fatehabad News: लाइब्रेरी बचाओ संघर्ष समिति ने सांसद कुमारी सैलजा के सामने रखा मुद्दा

Wed, 18 Jun 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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जिला पुस्तकालय की जगह को लेकर सांसद के सामने मांग रखते हुए लाइब्रेरी बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य
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फतेहाबाद। जिला पुस्तकालय के स्थानांतरण का विवाद जारी है। लाइब्रेरी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक मोहन लाल नारंग और सह-संयोजक हरदीप सिंह के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने सांसद कुमारी सैलजा से पुराना बस स्टैंड स्थित रेस्ट हाउस में मुलाकात की मुद्दे पर चर्चा की।
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समिति सदस्यों ने सांसद से पुराना एसडीएम निवास की जगह जिला पुस्तकालय के लिए दिए जाने की मांग रखी। नारंग ने सांसद सैलजा और विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया व पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह को बताया कि संघर्ष समिति के दबाव में जिला पुस्तकालय को शहर में स्थानांतरित तो कर दिया गया, लेकिन जिस बाल भवन में इसे अस्थायी रूप से चलाया जा रहा है, वहां न तो पुस्तकें उपलब्ध हैं और न ही अन्य सुविधाएं।
बीडीओ ब्लॉक वाली लाइब्रेरी में रोजाना 60-70 युवा पढ़ने के लिए आते थे, जबकि अब बाल भवन में केवल 15-20 युवा ही आ रहे हैं। इतना ही नहीं, जिला पुस्तकालय के सदस्यों के पुस्तक इश्यू कराने के अधिकार भी फिलहाल खत्म कर दिए गए हैं, जिससे पाठकों को काफी परेशानी हो रही है। समिति ने सांसद के सामने दो प्रमुख मांगे रखी, जिसके अंतर्गत पुस्तकालय को अस्थायी रूप से पंचायत भवन में उचित संसाधनों सहित शिफ्ट किया जाए और पुराने एसडीएम निवास में जिला पुस्तकालय के लिए स्थायी रूप से जमीन आवंटित की जाए।
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इसके साथ ही समिति ने सांसद से अनुरोध किया कि वे बाल भवन में संचालित अस्थायी लाइब्रेरी का स्वयं दौरा करें और वहां की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करें। सांसद ने समिति की आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्राथमिकता के आधार पर उठाएंगी। इस मौके पर समिति के सदस्य गुलबहार सिंह, एडवोकेट सुशील कुमार, भगवान सिंह भ्याना, जसवीर सिंह भ्याना, नागरिक मंच के कन्वीनर राजीव सेतिया आदि मौजूद रहे।
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सीएम घोषणा में शामिल हैं प्रोजेक्ट
पिछले 12 वर्षों से फतेहाबाद की विभिन्न सामाजिक संस्थाएं व प्रबुद्ध नागरिक स्थायी पुस्तकालय भवन की मांग कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसे मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया था, लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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