फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में उपचार के लिए आए मरीजसंवाद
फतेहाबाद। जिले में कुष्ठ रोग के पिछले 6 सालों में 24 केस मिले हैं। अगर कुष्ठ रोग का समय रहते उपचार न लिया जाए तो यह दूसरे में भी फैल सकता है। शहरों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में कुष्ठ रोग के ज्यादा मामले मिल रहे है। पिछले 6 सालों में जिले में 24 केस मिल चुके हैं।
कुष्ठ रोग के लिए 6 से 12 माह तक दवा लेना जरूरी होता है। चिकित्सकों के मुताबिक अगर कुष्ठ रोग के प्रति लोग जागरूक हो और समय रहते पूरा उपचार लें तो इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। समय रहते उपचार लेते हैं तो यह प्रक्रिया भी लंबी नहीं चलेगी और रोग के गंभीर होने से बचा जा सकता है।
ऐसे फैलता है रोग
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कुष्ठ रोग जीवाणुओं से होता है। यह त्वचा, अंगों का अंदरूनी भाग और नसों को प्रभावित करता है। यहां तक कि यह नसों को कमजोर बना देता हैं। ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। कुष्ठ रोगी को पूरा उपचार 6 से 12 माह तक लेना चाहिए। यदि हाथ व पैरों में सुनापन है तो अधिक ठंडे व गर्म से बचना चाहिए। आंखों की पलक नहीं झपकती है तो सोते समय नरम कपड़े से ढककर रखे व रोजाना दवा लें। पैरों में घाव हो गए हैं तो उन्हें साफ-सुथरा रखें और मरहम पट्टी करते रहे। सुन्न पैर व घाव वाले पैर में एमडीटी जूते-चप्पल ही पहने।
-कुष्ठ रोग के लक्षण
- चमड़ी पर एक या कई दाग धब्बे, जिनमें सुनापन हो।
- छूने या दर्द का अहसास नहीं होता है।
- शरीर पर किसी जगह हो सकता है।
-
अब तक ये मिले मरीज
वर्ष मरीज मिले
2019-20 5
2020-21 3
2021-22 4
2022-23 6
2023-24 2
2024-25 4
-जिला कुष्ठ रोग निवारण समिति द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभाव के रोकथाम के लिए शपथ दिलवाई जाएगी। कुष्ठ रोग कोई छूत की बीमारी नहीं है और न ही कोई अभिशाप है। स्कूलों में विद्यार्थियों को भी इस संबंध में जागरूक किया जाएगा।
-डॉ. महेंद्र भादू, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।