फतेहाबाद। गांव चंद्रावल के कबड्डी क्लब में खेलने वाले खिलाड़ी। संवाद
फतेहाबाद। सुविधाओं के अभाव में हौसले को ढाल बनाकर सपनों को संवारने की बानगी गांव चंद्रावल में नजर आती है। यहां वर्ष 2026 में एकता कबड्डी क्लब से सरकारी खेल नर्सरी का तमगा हटा तो बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे।
ऐसे में कोच प्रहलाद सिंह जाखड़ ने अपनी जेब से राशि खर्च कर, ठेके की जमीन पर ऐसा मंच तैयार किया जहां सुबह-शाम 70-80 बच्चे अपना हुनार निखार रहे हैं। हालिया स्कूल गेम्स में क्लब के 15 प्रतिभावान खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर जगह बनाकर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया।
क्लब के अधिकांश खिलाड़ी गरीब परिवारों से हैं। सरकारी सहायता से उन्हें नियमित पौष्टिक आहार और जरूरी सुविधाएं मिल जाती थीं। इस बार नर्सरी का नवीनीकरण नहीं होने से खिलाड़ियों के लिए डाइट का खर्च जुटाना मुश्किल हो रहा है।
सुबह-शाम कराया जाता है अभ्यास :
कोच ने बताया कि आर्थिक दिक्कतों के बावजूद बच्चों की मेहनत में कमी नहीं आने दी जा रही। मैदान में सुबह और शाम अभ्यास कराया जाता है। खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और खेल की बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। क्लब से प्रशिक्षण लेने वाले कई खिलाड़ी ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में पहचान बना चुके हैं।