भूना।पांच प्यारों और पंच निशानचियों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को सज
भूना। गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को समर्पित शहीदी नगर कीर्तन यात्रा वीरवार सुबह गुरुद्वारा सिंह सभा से अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई। संगत ने गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को सजी-धजी फूलों की पालकी में पांच प्यारों और पंच निशानियों की अगुवाई में सम्मान और श्रद्धाभाव के साथ विदा किया।
मार्ग में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पालकी पर पुष्पवर्षा कर नतमस्तक होते हुए अपनी श्रद्धा प्रकट की। गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी बाबा करतार सिंह ने अरदास कर ‘सरबत्त दा भला’ मांगा और हुकमनामा लेकर यात्रा की शुरुआत की।
इस दौरान ‘बोले सो निहाल… सतश्री अकाल’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा का अगला पड़ाव गांव सनियाना रहा। यह शहीदी नगर कीर्तन यात्रा प्रदेश के कई जिलों से होते हुए 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्यस्तरीय समापन कार्यक्रम में पहुंचेगी।
इससे पूर्व यात्रा बुधवार देर शाम भूना पहुंची थी, जहां प्रवेश प्वाइंट से लेकर गुरुद्वारा परिसर तक विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पारंपरिक ढंग से स्वागत किया। संगत ने शहीद भगत सिंह पार्क सहित कई जगहों पर गुरु के पावन स्वरूप के दर्शन किए और श्रद्धाभाव से सिर झुकाया। मार्ग में सेवादारों की ओर से लंगर, जल सेवा और प्रसाद वितरण के लिए सुचारू प्रबंध किए गए।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या यात्रा में शामिल रही, जो गुरु साहिब के प्रति गहरी आस्था का प्रतीक रही। शाम को गुरुद्वारा परिसर में रात्रि विश्राम के दौरान सिख इतिहास पर आधारित धार्मिक फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसमें गुरु साहिबान, बाबा बंदा सिंह बहादुर सहित महान सिख योद्धाओं के योगदान पर प्रकाश डाला गया। ढाड़ी जत्थों ने भी गुरुओं की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार किया।