पराली जलाने का असर अब वातावरण पर दिखने लगा है। सुबह-सुबह प्रदूषित धुएं की परत छाने लगी है। वहीं, नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स की वेबसाइट के अनुसार प्रदूषण स्तर खराब स्थिति की ओर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को शाम के समय एक्यूआई 187 तक दर्ज किया गया। यह वायु गुणवत्ता सूचकांक की मध्यम स्थिति है। मगर इसमें भी सांस के रोगियों को परेशानी होती है। सुबह सैर पर जाने वाले लोगों को आंखों में जलन महसूस हुई।
गौरतलब है कि शुक्रवार को छह जगहों पर पराली में आग लगाने की लोकेशन मिली है। जिले में अब तक पराली जलाने के 53 मामले सामने आ चुके हैं। जिसके आधार पर कृषि विभाग ने किसानों से करीब 55 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है। टोहाना के एसडीएम प्रतीक हुड्डा ने पराली जलाने के मामले ज्यादा होने पर कृषि पर्यवेक्षक, गांव समैन के पटवारी, ग्राम सचिव व ग्राम स्तर की निगरानी टीम को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखने की चेतावनी दी गई है।
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15 सितंबर से अब तक पराली जलाने के मामले
2021 : 16
2022 : 4
2023 : 53
एक्यूआई की इस तरह रहती है स्थिति
0 से 50 अच्छी
51 से 100 : संतोषजनक
101 से 200 : मध्यम
201 से 300 : निम्न क्वालिटी
301 से 400 : बेहद निम्न क्वालिटी
401 से 500 : गंभीर