राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की गिरफ्त में आया आरोपी युद्धवीर सिंह उर्फ साधु हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव जांडवाला सोतर का निवासी है। फिलहाल वह फतेहाबाद शहर में ही मॉडल टाउन इलाके में रहता था। किसी न किसी के जरिये वह लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों की संगत में आ गया। इस कारण वह हथियार भी रखने लगा था।
एनआईए ने 17 मई को देश में कई ठिकानों पर छापे मारे थे। इस दौरान युद्धवीर सिंह का इनपुट एनआईए को मिला था। शाम तक खुफिया तंत्र युद्धवीर सिंह की जानकारी जुटाने में लगा रहा। अभी तक इसके आपराधिक रिकॉर्ड की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
पहले टिब्बी का नाम आता रहा सामने
शुरुआती दौर में खुफिया तंत्र के समक्ष युद्धवीर उर्फ साधु के भूना थाना क्षेत्र से होने की जानकारी मिली। मगर, भूना पुलिस थाने में भी युद्धवीर सिंह नाम के व्यक्ति का कोई भी रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। शक की सुई एकबारगी टिब्बी गांव की ओर भी गई। मगर, बाद में युद्धवीर के शहर में होने की जानकारी सामने आई।
बताया जा रहा है कि एनआईए की गिरफ्त में आया युद्धवीर सिंह उर्फ साधु जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों का सहयोग करने में शामिल रहा है। वह पिछले कई दिनों से गिरफ्तारी से बच रहा था। युद्धवीर को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है, उसमें एनआईए ने पहले 24 मार्च को आईपीसी, आर्म्स एक्ट और यूए (पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।
यह मामला दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने और युवाओं की भर्ती करने के लिए भारत और विदेशों में स्थित आपराधिक सिंडिकेट/गैंगों के सदस्यों द्वारा रची गई साजिश से संबंधित है।
पूछताछ में ही होगा खुलासा
स्थानीय पुलिस का मानना है कि अब एनआईए की पूछताछ में ही खुलासा हो पाएगा कि युद्धवीर सिंह उर्फ साधु लॉरेंस बिश्नोई की गैंग के साथ कितनी गहराई तक जुड़ा हुआ है और किन वारदातों में यह शामिल रहा है।