रतिया। गांव लाली और अलीका निवासी दो युवकों को जर्मनी भेजने के नाम पर ट्रैवल एजेंट ने उनके परिवार से करीब 9 लाख रुपये हड़प लिए। युवकों से भी 2-2 हजार यूरो लेकर उन्हें जर्मनी भेजने के बजाय इजिप्ट भेज दिया। जहां से युवक किसी तरह भारत लौट पाए। मगर बातों में फंसा कर युवकों को दोबारा जर्मनी के बजाय मलेशिया भेज दिया। जहां गुरुद्वारे की संगत के सहयोग से दोनों युवक वापस आए हैं।
इसके बाद युवकों के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी को शिकायत दी। एसपी ने आर्थिक अपराध शाखा को जांच के निर्देश दिए। जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में गांव लाली निवासी परमानंद ने बताया कि उनके बेटे मिट्ठू का जर्मनी में वर्क वीजा लगवाने के लिए कुरुक्षेत्र के पीपली निवासी एजेंट संदीप कुमार ने करीब 14 लाख रुपये का खर्च बताया था। कहा था कि पहले एक रुपया भी नहीं लेंगे, जब लड़का वर्क वीजा पर जर्मनी पहुंच जाएगा, तब पूरे पैसे लेंगे।
इस दौरान संदीप की पत्नी पूजा, साला रवि, प्रदीप व विकास भी उसके साथ थे। उनका एक परिचित गांव अलीका निवासी दविंद्र भी जर्मनी जाना चाहता था, उसने मिट्ठू और दविंद्र के सभी दस्तावेज एजेंट संदीप को भेज दिए। 21 अगस्त 2023 को संदीप ने कहा कि दोनों का वर्क वीजा लग चुका है, जल्द ही टिकट भेज दूंगा। काफी समय बाद 22 मार्च 2024 को संदीप ने दोनों लड़कों को दिल्ली से दुबई भेज दिया। जहां संदीप के सहयोगी प्रदीप व विकास ने दोनों को होटल में छोड़ दिया। चार-पांच दिन तक प्रदीप व विकास जर्मन भेजने के नाम पर गुमराह करते रहे और उनके पास पड़े 2000-2000 यूरो भी ले लिए।
इसके बाद उन्हें वहां से इजिप्ट भेज दिया। संदीप ने इस दौरान उनसे अपने खातों में करीब 9 लाख रुपये डलवा लिए। दोनों का इजिप्ट का वीजा भी खत्म हो गया तो वे दोनों भारत आ गए। परमानंद ने बताया कि उन्होंने संदीप से बात की तो उसने कहा कि दोनों की दोबारा फाइल लगवा कर जल्द ही सीधा जर्मनी भेज देंगे और रास्ते में कोई स्टे भी नहीं होगा। इस बार संदीप ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर दोनों को मलेशिया भेज दिया। जहां पर विकास व प्रदीप ने दोनों लड़कों से दो-दो लाख रुपये मांगे। उन्होंने देने से इनकार कर दिया तो दोनों के पासपोर्ट ले लिए और कहा कि यदि तुम लोगों ने अपने पासपोर्ट लेने है तो पैसे देने पड़ेंगे।
परमानंद ने आरोप लगाया कि इससे घबराकर दविंद्र और मिट्ठू मलेशिया में एक गुरुद्वारे में चले गए। वहां पर गुरुद्वारा की संगत को पूरी कहानी बताई तो संगत ने दोनों लड़कों से कहा कि तुम प्रदीप और विकास को पैसे ले जाने के बहाने बुलाओ। गुरुद्वारा की संगत के कहने पर दोनों लड़कों ने उन्हें गुरुद्वारा बुला लिया। संगत ने दोनों से पासपोर्ट वापस करवाए। संगत ने ही उनकी भारत की टिकट करवा कर दी। इसके बाद दोनों अपने-अपने घर पर आ गए।
परमानंद ने आरोप लगाया कि जब उसने आरोपियों से अपने पैसे मांगे तो संदीप और उसके अन्य साथी धमकी देने लगे। अब आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की जांच कर परमानंद की शिकायत पर एजेंट संदीप कुमार, उसकी पत्नी पूजा, रवि, विकास व प्रदीप के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।