फतेहाबाद के रतिया रोड से ग्रामीण रूट पर जाती बस में लटककर यात्रा करते लोग। संवाद
फतेहाबाद। रोडवेज अधिकारी जिले में बस सेवाओं को लेकर भले ही दावे करते हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कहीं अलग है। आज भी जिले के ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है।
ग्रामीण इलाकों में बसें एक से डेढ़ घंटे के अंतराल पर आती हैं। इस कारण बसों में भीड़ रहती है। रोजाना यात्रियों को बसों के दरवाजे के पायदानों पर खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। इस कारण हर समय हादसे का डर रहता है।
जिले के कई गांवों में प्रति दिन चलने वाली बसों की संख्या अत्यंत कम है। विशेषकर सुबह और शाम के समय जब स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं, तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। एक बस निकलने के बाद अगली बस के लिए यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीण रूटों पर यह दृश्य आम हो चला है, लेकिन इसके समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यात्रियों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की संख्या बढ़ाई जाए और समय सारणी में सुधार किया जाए।