फतेहाबाद में हड़ताल के कारण बंद पड़ी लेबोरेट्रियां।
फतेहाबाद। सीएम फ्लाइंग टीम की कार्रवाई और लैबों पर एमबीबीएस डॉक्टर की अनिवार्यता के नियम के खिलाफ लैब संचालक शनिवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान जिले में करीबन 500 लैब बंद रहे, वहीं जांच कराने मुख्यालय पहुंचे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं भिवानी में पांच जिलों के लैब तकनीशियन के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के ओएसडी से मुलाकात की और 10 दिन में सीएम से बात करने के आश्वासन पर हड़ताल वापस ले लिया।
बता दें कि लैबों पर एमबीबीएस डॉक्टर की अनिवार्यता के विरोध में फतेेहाबाद के लैब तकनीशियन शनिवार को भी हड़ताल पर रहे और अपनी लैबों को नहीं खोला। जिले में लैब बंद रहने के चलते शनिवार को मरीजों व उनके परिजनों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा, और इससे करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए। फतेहाबाद से लैब तकनीशियन शनिवार को मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले भिवानी में पहुंचे और वहां पर पांच जिलों की हुई बैठक में भाग लिया। लैब संचालकों का कहना है कि एमबीबीएस डॉक्टर नियुक्त करने पर लैब के खर्चे बढ़ेंगे और फिर टेस्ट रिपोर्ट महंगे हो जाएंगे, जिसकी मार आम जनता पर पड़ेगी।
ज्ञात रहे कि सात फरवरी को प्रदेश भर में कई जगह सीएम फ्लाइंग ने लैब पर रेड की थी और इसके बाद लैब संचालकों का गुस्सा भड़क गया था। फतेहाबाद में अगले दिन आठ फरवरी को लैब संचालक हड़ताल पर चले गए थे। शनिवार को एक बार फिर लैब संचालकों ने हड़ताल की और वह काम पर नहीं आए।
कोट
मांगों को लेकर भिवानी में पांच जिलों के लैब तकनीशियन सीएम से मिलने गए थे। इस दौरान हमारी बात सीएम के ओेएसडी से हुई और उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों से विचार विमर्श करके 10 दिन के भीतर उनकी बात सीएम से करवाई जाएगी। इसलिए एक बार हड़ताल वापिस ले ली गई है।
-राजीव सेतिया, प्रदेशाध्यक्ष लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट्स वेलफेयर एसोसिशन।