भूना। मृतक बच्चों के पिता पोस्टमार्टम कर्रवाई के लिए गाड़ी में बैठते हुए । संवाद
भूना। गांव नहला में सोमवार शाम किरमारा नहर में नारियल देख उसे निकालने के चक्कर में दस वर्षीय एक बच्चा पानी के तेज बहाव में बह गया। बचाने के लिए वहीं मौजूद उसका बड़ा भाई भी करीब 12 फीट गहरी नहर उतरा, लेकिन दोनों की डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव नहर से निकाल जिला नागरिक अस्पताल पहुंंचाए। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
बिहार के नालंदा जिले के गांव खिधरचेक निवासी मिथलेश अपनी पत्नी वनिता और दो बच्चों लव (10) व कुश (8) के साथ तीन माह पहले ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने आया था। उसने बताया कि शाम करीब छह बजे लव और कुश खेलते-खेलते किरमारा नहर की पटरी तक पहुंच गए। इसी दौरान नहर बहता एक नारियल दिखाई दिया। उसे निकालने की कोशिश में कुश का पैर फिसल गया और वह पानी के साथ बहने लगा। छोटे भाई को बचाने के लिए लव जोर-जोर से चिल्लाता हुआ नहर में उतर गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण दोनों पानी में समा गए। सूचना पर रतिया थाने से जांच अधिकारी रामपाल खिलेरी मौके पर पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भिजवाया। शुरुआत में परिजन बिना किसी कार्रवाई के शवों को दफनाना चाहते थे, लेकिन पुलिस के समझाने पर पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए। थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
परिवार में हैं आठ बच्चे
ईंट भट्ठा संचालक सोमवीर ने बताया कि मिथलेश और वनिता के तीन बेटियों सहित आठ बच्चे हैं। दंपती की एक बेटी शादीशुदा है। दो मासूम बेटों की मौत के बाद घर में शोक का माहौल हो गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता सदमे में है।