नगर परिषद चेयरमैन पद पर कौन काबिज होगा, इसको लेकर शुक्रवार को सस्पेंस खत्म हो गया। शुक्रवार को जब यह सस्पेंस हटा तब शहर में रेहड़ी पर सब्जी-फल बेचने वाले वार्ड एक के पार्षद कुलदीप के सिर पर शहर के सरताज का ताज सज चुका था। पार्षद कुलदीप का शांत स्वभाव और ईमानदार छवि उनके काम आई। एक स्वस्थ छवि के ईमानदार व्यक्ति को नगर परिषद प्रधान बनाकर बीजेपी ने उन आशंकाओं को भी खारिज कर दिया, जिसमें ये कहा जा रहा था कि नप प्रधानगी के लिए लाखों रुपये खर्च कर पार्षदों को खरीदा जा सकता है।
रेहड़ी पर फल बेचकर संभाला घर, अब शहर संभालेंगे
जवानी में ही पिता का साया सिर से उठने के बाद कुलदीप ने रेहड़ी पर सब्जी-फल बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर किया। उनके परिवार में उनकी मां, एक बड़ी बहन और छोटा भाई है। ये भी बता दें कि तकरीबन 10 साल पहले कुलदीप के पिता टेकाराम इसी वार्ड से चुनाव हार चुके थे। इसके बाद उनकी मौत हो गई थी। कुलदीप ने 10 साल बाद वार्ड की छोड़िए, पूरे शहर की चौधर अपने घर ला दी।
दूसरी बार जीत दर्ज करने वाली मंजू मेहता बनी उपप्रधान
वार्ड नौ से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर नगर परिषद पहुंची मंजू मेहता को नगर परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया। मंजू मेहता गृहणी के तौर पर घर का काम संभालती हैं। अब उन्हें नगर परिषद के उपप्रधान पद की जिम्मेवारी मिली है। मंजू मेहता ने बताया कि वे सबका साथ सबका विकास नीति के तहत कार्य करते हुए सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाएंगी।