भूना।बैजलपुर गांव में कोरड़ा मार होली उत्सव में सरपंच हेमंत सिंह बैजलपुरिया पर कोरड़े बरसाती मह
भूना। गांव बैजलपुर के सार्वजनिक चौक में आयोजित तीन दिवसीय पारंपरिक फाग उत्सव का शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण देवर-भाभी की कोरड़ा मार होली रही, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
तीन दिन चले कार्यक्रम में देवर-भाभी की 110 जोड़ियों ने हिस्सा लिया। समापन समारोह में इन सभी जोड़ियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष सुमन खिचड़ विशेष अतिथि के रूप में पहुंचीं और ग्रामीणों के साथ इस अनूठी परंपरा का आनंद लिया।
समारोह में सरपंच हेमंत सिंह बैजलपुरिया ने भी कोरड़ा मार होली खेलकर भाईचारे और एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बैजलपुर की कोरड़ा मार होली अब केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। उत्सव में विजेता देवर-भाभी की जोड़ियों को घरेलू बर्तन देकर सम्मानित किया गया।
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2004 में झगड़े खत्म करने के लिए हुई थी शुरुआत
सरपंच हेमंत ने बताया कि गांव में सामूहिक फाग उत्सव की शुरुआत वर्ष 2004 में हुई थी। उस समय हवलदार सतबीर सिंह झाझड़िया, मास्टर रोहताश भाखर और धर्मबीर कादियान के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई थी। इसका उद्देश्य होली के दौरान होने वाले झगड़ों को खत्म करना और गांव में आपसी भाईचारा कायम रखना था। पहले गांव के अलग-अलग मोहल्लों में होली खेली जाती थी, जिससे कई बार विवाद हो जाते थे, लेकिन सार्वजनिक चौक में सामूहिक होली शुरू होने के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया और आपसी सौहार्द बढ़ा।