कुलां। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को कुलां चौक में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली व बीज विधेयक 2025 और मनरेगा कानून में किए गए बदलावों विरोध किया गया।
आक्रोशित किसानों ने उक्त बिलों की प्रतियां जलाई और केंद्र सरकार से इनको वापस लेने की मांग की। इस मौके पर सभा के तहसील सचिव कामरेड केवल सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की नीतियां किसान, मजदूर, दुकानदार व आम उपभोक्ता को सस्ती दरों पर मिलने वाली बिजली से वंचित रखना है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नियत बिजली को कारपोरेट घरानों को सौंपने, स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं को प्रीपेड बिल के माध्यम से परेशान करना है। उन्होंने कहा कि नए विधेयकों से बिजली बिल पर मिलने वाली सभी सब्सिडी खत्म कर दी जाएगी।
इसी तरह बीज बिल लागू होने से कृषि क्षेत्र में बिल बनाने वाले कारपोरेट घरानों का एकाधिकार स्थापित करके महंगे व हर वर्ष नए बीज खरीदने से कृषि क्षेत्र तबाह करके उपजाऊ कृषि योग्य भूमि पर कब्जा करना है। इन बिल के लागू होने से किसानों को मजबूरन बड़े घरानों की निजी कंपनियों के कीटनाशक और बीज महंगी दरों पर खरीदने पड़ेंगे।
इस दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अमर सिंह तलवाड़ा ने कहा कि मनरेगा कानून में किए बदलाव से इसे कमजोर या खत्म करने की साजिश है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका प्रभावित होगी।
बिजली विधेयक के विरोध में किया प्रदर्शन
भट्टू कलां। अखिल भारतीय किसान सभा व मजदूर संगठनों ने शुक्रवार को बिजली व बीज विधेयक के विरोध में रोष प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। सुभाष भादू के नेतृत्व में मार्केट कमेटी कार्यालय परिसर में किसान सभा, मजदूर संगठन, मनरेगा सदस्यों ने एकत्रित होकर केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान किसान सभा जिलाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार किसान और मजदूर विरोधी है। सरकार की जन-विरोधी कानूनों व नीतियों के विरुद्ध एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। इस अवसर पर मास्टर हनुमान, मनीष कुमार, रोहतास डूडी, अरुण कुमार, वजीर सिंह, हवा सिंह, मनोहरलाल आदि मौजूद रहे। संवाद