कबीर बस्ती के लोगों के लिए दहशत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कबीर बस्ती निवासी युवक विकास पर रविवार देर रात स्वामी नगर के पास छह युवकों ने चाकुओं से हमला बोल दिया।
हमलावरों ने विकास पर कई वार किए, लेकिन वह उनका बचाव करता रहा। इस दौरान उसकी जांघों पर चाकू लगने से वह बुरी तरह घायल हो गया। रात को किसी ने पुलिस को हमले की जानकारी दी।
पुलिस ने युवक को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से युवक के कहने पर उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया, फिलहाल युवक की हालत स्थिर बनी हुई है। इससे पहले ठाकर बस्ती के एक युवक पिंकी पर शुक्रवार को कबीर बस्ती के कुछ युवकों ने हमला बोल दिया था।
इसके बाद पिंकी के वर्ग के लोगों ने कबीर बस्ती पर हमला बोलकर कई घरों में तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद से कबीर बस्ती के काफी लोग अपने रिश्तेदारों और बाहर रह रहे हैं। विकास भी तीन दिन से अपनी मौसी के यहां पर रह रहा है।
सिविल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में सिक्योरिटी गार्ड लगभग 21 वर्षीय विकास रविवार रात को ड्यूटी से स्वामी नगर के पास अपनी मौसी के घर जा रहा था। रविवार रात लगभग ढाई बजे स्वामी नगर के पास उसे छह युवकों ने घेर लिया और चाकुओं से हमला कर दिया। विकास का घर तो कबीर बस्ती में है, लेकिन वह तीन दिन से अपनी मौसी के घर पर रह रहा है।
युवक पर हमले के बाद कबीर बस्ती के लोगों में दहशत और बढ़ गई है। तीन दिन बाद भी किसी ने भी बस्ती का रुख नहीं किया है। हालांकि वहां पर पुलिस तैनात है और उन्हें सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया जा रहा है।
सिटी थाना प्रभारी गौरव शर्मा ने बताया कि छह युवकों ने युवक पर स्वामी नगर के पास हमला किया है। युवक को पुलिस ने सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, वहां से उसे अग्रोहा के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस ने छह युवकों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कबीर बस्ती के लोग अपने ही शहर में शरणार्थियों की तरह रह रहे हैं। वे इतने डरे और सहमे हुए हैं कि तीन दिन बाद भी घर जाने का तैयार नहीं है। यहां के लोगों ने अपने रिश्तेदारों और मंडी में आढ़तियों की दुकानों में अपना ठिकाना बना लिया है। घर से दूर होने के कारण इन्हें घर के साथ अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
जिस युवक विकास पर रविवार रात को चाकुओं से हमला हुआ है उस युवक का परिवार भी अपनी मौसी के घर रह रहा था। रात को मौका पाकर युवकों ने अकेले विकास को घेर कर हमला कर दिया।
कबीर बस्ती सिविल अस्पताल से सौ कदम की दूरी पर है अगर विकास कबीर बस्ती रह रहा होता तो शायद उस पर हमला नहीं होता। विकास अब अपनी मौसी की घर रह रहा है जो सिविल अस्पताल से करीब पांच किलोमीटर दूर है और रात को अकेले इतनी दूर जाने पर मौका पाकर हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया।
कबीर बस्ती के अंदर पुलिस ने पीसीआर की तैनाती कर दी है और गली के मेन रास्ते के बाद पुलिस की टुकड़ी पहरा दे रही है ताकि किसी भी घटना को रोका जा सके। पुलिस सादी वर्दी में बस्ती और ठाकर बस्ती में घूम रही है ताकि स्थिति को भांप कर पहले ही उस पर काबू पाया जा सके।