रतिया के जैन स्थानक में प्रवचनों में मौजूद श्रद्धालु। स्त्रोत आयोजक
रतिया। शहर में चातुर्मास के लिए जैन साध्वी सुनंदा महाराज, सम्यक व सिद्धायिका महाराज ने मंगलवार को मंडी रोड स्थित जैन स्थानक में प्रवचन किए। साध्वियों ने जैन धर्म के मूल सिद्धांतों और मूल्यों पर चर्चा की और लोगों को आत्म-शुद्धि और संयम के महत्व के बारे में जागरूक किया।
जैन साध्वियों ने अपने प्रवचन में जैन धर्म के प्रमुख सिद्धांतों अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों का पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा सकता है और आत्म-शुद्धि प्राप्त कर सकता है। सुनंदा महाराज ने आत्म-शुद्धि और संयम के महत्व पर जोर दिया।
सम्यक व सिद्धायिका महाराज ने कहा कि आत्म-शुद्धि प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को अपने विचारों और कार्यों पर नियंत्रण रखना होता है और संयम का पालन करना होता है। इससे व्यक्ति अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा सकता है और आत्म-शुद्धि प्राप्त कर सकता है। उन्होंने जैन धर्म के मूल सिद्धांतों पर चर्चा की और कहा कि इनका पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा सकता है।