समैन। सात हजार की आबादी वाले कन्हड़ी गांव में स्वास्थ्य केंद्र तो स्थापित है लेकिन अधिकांश ग्रामीणों को इसकी जानकारी तक नहीं है। यह केंद्र वाल्मीकि बस्ती के एक कोने में स्थित रविदास चौपाल भवन में संचालित हो रहा है। चौपाल के एक कमरे में डाकघर भी चल रहा है जिससे व्यवस्थाएं और सीमित हो जाती हैं।
कर्मबीर सैनी, महेंद्र जांगड़ा, लटुआ, जसमेर और सतपाल सिंह ने बताया कि गांव की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र के बारे में अनजान हैं। इस कारण वे 6 किलोमीटर दूर स्थिति टोहाना उपचार के लिए जाते हैं। स्थिति गंभीर तब बनती है जब बारिश के दिनों में चौपाल परिसर में जलभराव हो जाता है। स्वास्थ्य केंद्र के बाहर गंदगी फैली रहती है जिससे वातावरण अस्वच्छ रहता है।
केंद्र में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी गीता रानी ने बताया कि शौचालय की सफाई उन्हें स्वयं करनी पड़ती है। यहां पर पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उनको पानी घर से लाना पड़ता है। हालांकि यहां पर स्टाफ की कमी नहीं है और आने वाले मरीजों का उपचार उपलब्ध संसाधनों के अनुसार किया जाता है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग रखी है कि उप स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए। साथ ही नए भवन की व्यवस्था हो ताकि लोगों को गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके।
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सफाईकर्मी के मिलते हैं 400 रुपये महीना
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य केंद्र पर सफाई के लिए एक सफाईकर्मी की नियुक्ति भी की गई है। विडंबना यह है कि आज के इस महंगाई के दौर में सिर्फ 400 रुपये वेतन दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार सफाईकर्मी के खाते में उक्त राशि आती है।
स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ
एमपीएचडब्ल्यू : दो फीमेल और एक मेल
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) : एक
सफाईकर्मी : एक
:: गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है, उन्हें इसके बारे में आज ही जानकारी मिली है। उनकी सरकार से मांग है कि उप स्वास्थ्य केंद्र की जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए ताकि लोगों को यहां पर ज्यादा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके।
-कर्मबीर सिंह, ग्रामीण।
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:: गांव की आबादी 7 हजार से अधिक है। स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में गांव के लोग टोहाना शहर में इलाज करवाने के लिए जाते हैं। उनकी सरकार से मांग है कि गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए।
- महेंद्र जांगड़ा, ग्रामीण।
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:: गांव में स्वास्थ्य केंद्र है या नहीं उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। गांव के ज्यादातर लोग इलाज के लिए टोहाना या फिर साथ लगते गांव सुलहेड़ा में जाते हैं। ग्रामीणों को इलाज के लिए इधर-उधर न जाने पड़े, यहीं पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए।
-लटुआ राम, ग्रामीण।
जो भी यहां पर कमियां है उसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाता है। बजट आने पर व्यवस्था में सुधार किया जाता है। जो सुविधाएं है उनके आधार पर ही यहां मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
- डॉ. राजेश क्रांति, एसएमओ, जाखल सर्कल।
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स्वास्थ्य केंद्र में जिन भी सुविधाओं की कमी है इस बारे में संबंधित इंचार्ज से रिपोर्ट ली जाएगी। विभाग अपने स्तर पर मरीजों को सुविधाएं देने का प्रयास कर रहा है।
-डॉ.बुधराम, सिविल सर्जन