हिंदी दिवस पर प्रस्तुति देते हुए कलाकार। स्त्रोत- विनोद सिल्ला।
टोहाना। समता भवन में शनिवार को हरियाणा प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन के बैनर के तले हिन्दी दिवस पर साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार विनोद सिल्ला ने अपनी कविता हमें शेर पालना महंगा पड़ा...खाया जिसने शेर बनकर...घबराया सियार बनकर सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्रधान मास्टर ओमप्रकाश लांग्यान ने की जबकि बतौर मुख्य अतिथि जनवादी लेखक संघ के प्रदेश महासचिव सरदानंद राजली ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि कवयित्री सुशीला बहबलपुर और मुख्य वक्ता उपन्यासकार मास्टर रोहतास ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का संचालन बरवाला से आए साहित्यकार सूबे सिंह सुबोध ने किया।
सरदार बलवंत सिंह मान की रचना कविता का कत्ल भी चर्चा का विषय रही। युवा कवि कर्मवीर सैनी ने अपनी कविता चमक-दमक के दौर में, होड़ लगी बदलाव की सुनाई। हरियाणवी हास्य कवि जोरा सिंह लांबा की रागनियों ने सभी को झूमने को मजबूर कर दिया। इनके अतिरिक्त दिलबाग गोस्वामी, बनारसी दास खरड़वाल, मीना रानी सहित तमाम साहित्य प्रेमियों ने कविता पाठ किया।
बालकवि हरनूर सिंह मान की बाल कविता ने भी सबका मन मोह लिया। मुख्य वक्ता उपन्यासकार मास्टर रोहतास ने वर्तमान दौर में लेखक, लेखन साहित्य पर चर्चा की। साहित्यकार विनोद सिल्ला ने कितनी खरी, हिन्दी दिवस की बधाई शीर्षक से अपना शोध-पत्र पढ़ा। सेवानिवृत्त कानूनगो सूरजभान खोखर ने भी सभी उपस्थित साहित्य प्रेमियों को हिन्दी दिवस की बधाई दी।