फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र के मेडिकल कैंप में बनाए गए हेल्प डेस्क पर जा?
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फतेहाबाद। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने दिव्यांग प्रमाणपत्र को लेकर हुए फर्जीवाड़ा की जांच शुरू कर दी है। टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय से रिकॉर्ड के साथ ही कमेटी की जांच रिपोर्ट भी कब्जे में ली है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम अपने स्तर पर भी इस मामले की जांच करेगी।
बता दें कि फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र का मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने छह डॉक्टरों की कमेटी गठित की थी। करीब एक माह में कमेटी ने जांच पूरी की है। सोमवार को कमेटी ने मामले की जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी। रिपोर्ट के मुताबिक 842 दिव्यांग प्रमाण-पत्र संदिग्ध मिले और 80 फर्जी मिले हैं। संदिग्ध मिले दिव्यांग प्रमाणपत्र का सिविल सर्जन कार्यालय में कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। वर्ष 2018 से अब तक बने दिव्यांग प्रमाण पत्रों की कमेटी ने जांच की है।
नागरिक अस्पताल में लगा कैंप, बेहतर की गई व्यवस्था
दिव्यांग प्रमाण-पत्र को लेकर नागरिक अस्पताल में मेडिकल कैंप लगा। सिविल सर्जन के आदेश के बाद बुधवार को भी मेडिकल कैंप में व्यवस्था बेहतर रही। मेडिकल कैंप में आए दिव्यांगों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई और हेल्प डेस्क भी बनाया गया। वहीं, अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में धरना दे रहे दिव्यांगों को धरना खत्म करने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने और लिखित में आश्वासन देने पर अड़े रहे।
कोट
फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र को लेकर सीएम फ्लाइंग ने रिकॉर्ड मांगा है, जो कि उन्हें दिया जा रहा है। जांच कमेटी दो दिन पहले मामले में रिपोर्ट भी दे चुकी है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन