फतेहाबाद। शहर में बिजली के खंभों पर इंटरनेट के तारों का मकड़जाल बिछा हुआ है। शहर में बिजली निगम का एक भी खंभा ऐसा नहीं है, जिस पर केबल का जाल न हो। नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से लटके इन तारों को हटाने में बिजली निगम के अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। केबल संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकारी भवनों के अंदर लगे बिजली के खंभों पर भी इंटरनेट की तारों का जाल है, ऐसे में हादसे होने का डर बना रहता है।
शहरवासी रामकिशन, नरेश कुमार, गोपीचंद, दिलीप सिंह, लालचंद, लक्की कुमार आदि ने कहा कि बिजली निगम के अधिकारियों की केबल ऑपरेटरों के साथ मिलीभगत है। शहर के मुख्य बाजारों में सैकड़ों पोल तो ऐसे हैं, जिन पर एक साथ तारों के पांच-छह गुच्छे बनाकर लटकाए गए हैं। पोल पर बिजली के तार कम इंटरनेट के तार ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। इसकी वजह से बिजली की तारों में भी तकनीकी खराबी ज्यादा होती है। बिजली कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं, शहर की कुछ तंग गलियों में जहां बिजली के खंभे नहीं है, वहां पर इन तारों को लोगों के घरों में लोहे की कीलें लगाकर भी बांध रखा है।
तिरंगा लाइटों पर लग रहे होर्डिंग होर्डिंग
शहर में डिवाइडरों पर लगी तिरंगा लाइटें इन दिनों राजनीतिक दलों और कंपनियों के विज्ञापन में छुप रही हैं। शहर में हिसार रोड, भट्टू रोड, रतिया रोड और भूना रोड पर लगे बिजली के सभी खंभों पर अवैध होर्डिंग लग रहे हैं। विज्ञापन के लिए निर्धारित स्थान तो खाली ही नजर आते हैं। इससे सरकार को राजस्व का घाटा हो रहा है। राजनीतिक पार्टियों और विज्ञापन कंपनियों को नगर परिषद का जरा सा भी खौफ नहीं है।
कोट
बिजली के खंभों पर इंटरनेट की तारें लगाना कानूनी तौर पर गलत है। बिजली निगम प्रशासन इन तारों को बिजली के खंभों से हटा रहा है। 33 केवी की कुछ लाइनों से इंटरनेट तारों को हटा दिया है और बाकी बची अवैध तारों को भी अभियान चलाकर हटाएंगे।
-मानिक, एसडीओ, सिटी सब डिविजन फतेहाबाद।