अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कम वाहन दुर्घटना ट्रिब्यूनल के चेयरमैन महावीर सिंह ने वाहन दुर्घटना में मारे गए एक युवक के परिजनों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
ट्रिब्यूनल ने बीमा एजेंसी को ये राशि साढ़े 7 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं।
फतेहाबाद के दैयड़ गांव निवासी दिनेश शर्मा फरीदाबाद की किसी कंपनी में काम करता था। 2 नवंबर 2014 को वे अपनी बाइक से सोहना ब्रिज से गुजर रहा था कि सामने आते ट्राले ने उसे टक्कर मार दी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस पर दिनेश शर्मा के पिता राजेंद्र शर्मा ने ट्राला संचालक व ट्राले की इंश्योरेंस कंपनी मेघना जनरल इंश्योरेंस नोएडा को पार्टी बनाकर केस दर्ज कराया था। किन्हीं कारणों के चलते इंश्योरेंस कंपनी ने मुआवजा देने में आनाकानी की।
इस पर 16 जनवरी 2015 को मृतक के पिता राजेंद्र शर्मा, मृतक की माता दर्शना देवी, पत्नी रजनी व पुत्र आर्यन ने वाहन दुर्घटना मुआवजा ट्रिब्यूनल की शरण ली। ट्रिब्यूनल ने सारे तथ्यों को समक्ष रखते हुए फैसला सुनाया कि इस मामले में बीमा कंपनी मुआवजा देने से इंकार नहीं कर सकती।
ट्रिब्यूनल ने मृतक की पत्नी व पुत्र को 5-5 लाख रुपये और माता-पिता को 5 लाख 2 हजार साढ़े 7 फीसदी ब्याज सहित देने के आदेश सुनाए हैं।
मृतक युवक की मां को 7 लाख मुआवजा दे वाहन चालक
फतेहाबाद। वाहन दुर्घटना मुआवजा ट्रिब्यूनल ने रोड साइड एक्सीडेंट में मारे गए युवक की माता को 7 लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने के आदेश दिए हैं।
रताखेड़ा निवासी मृतक कमलदीप की माता बंती देवी ने ट्रिब्यूनल में मानसा निवासी टेंपो चालक कृष्ण के खिलाफ 3 दिसंबर 2012 को याचिका दायर कर अपने मृतक बेटे कुलदीप का वाहन दुर्घटना मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई थी।
कमलदीप 17 अक्टूबर 2012 को बाइक से कैथल जा रहा था तो पांडला बस स्टैंड के पास कृष्ण के टैंपो ने उसको टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
ट्रिब्यूनल ने कृष्ण को मृतक की माता बंती देवी को 7 लाख रुपये की मुआवजा राशि साढ़े 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित मुआवजा भुगतान करने तक देने के आदेश दिए हैं।