शिक्षकों की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर गांव सरदारेवाला में अभिभावकों ने बच्चों के साथ मिडिल स्कूल में प्रदर्शन कर स्कूल को ताला लगा दिया। अभिभावकों ने बच्चों के साथ नारेबाजी कर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का भी पुतला फूंका। अभिभावकों ने चेतावनी देकर कहा कि यदि उनकी समस्या का समाधान तीन दिन में नहीं हुआ तो वे हाईवे जाम कर देंगे। इसके अलावा बच्चों का दाखिला गांव से मात्र चार-पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंजाब के स्कूलों में करवा देंगे। स्कूल में तालाबंदी की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी आशा ग्रोवर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों और बच्चों को समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन देकर स्कूल का ताला खुलवाया।
क्या है स्कूल का मामला
प्रदेश सरकार द्वारा तीन वर्ष पूर्व 2011 में स्कूल को प्राइमरी से मिडिल तक अपग्रेड किया था। तीन सालों से स्कूल में बच्चे अध्यापकों की कमी के चलते काफी परेशान थे। तीन सालों से वहां डेपुटेशन पर ही बदल बदल कर मात्र एक ही अध्यापक को भेजा जा रहा था। उसके पास हेड की जिम्मेवारी भी थी। बच्चे स्कूल में इसी तरह घूम फिर कर वापस घर चले जाते थे । इस सत्र में प्राइमरी में 238 और मिडिल में 134 बच्चों का दाखिला हुआ है। प्राइमरी तक पांच अध्यापक हैं और मिडिल में हेड इंचार्ज और एसएस अध्यापक जस्सा सिंह भी डेपुटेशन पर सप्ताह में मात्र तीन दिन ही आते हैं। अन्य विषय के लिए कोई भी अध्यापक नहीं है। कभी-कभी प्राइमरी स्कूल अध्यापक ही बच्चों को पढ़ा रहे थे। इसको लेकर कई बार अभिभावकों ने नाराजगी भी जताई थी, लेकिन शिक्षा विभाग ने कभी भी स्कूल की सुध नहीं ली।
बच्चों की पढ़ाई हो रही है बाधित
अभिभावक और स्कूल कमेटी के प्रधान सुखपाल, श्रवण, गुरजंट, कुलदीप, पाला, परमजीत कौर, जलकौर, सर्वजीत, बलजीत कौर, बलदेव, मेजर, भोला, प्रगट, सुखवंत, मनदीप, सुरजीत, सुखदीप, जस्सी, कृष्ण ने आरोप लगाया कि उनके गांव के मिडिल स्कूल में करीब दो सौ बच्चे पढ़ते हैं। उनको पढ़ाने के लिए मात्र एक ही अध्यापक है। उक्त अध्यापक को भी इस स्कूल में डेपुटेशन पर भेजा हुआ है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। अध्यापकों की कमी के चलते बच्चे सारा दिन स्कूल में खाली बैठकर वापस आ जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में पेयजल की समस्या है। बच्चों के बैठने के लिए भी डेस्क आदि की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए वे कई बार उच्चाधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन उनकी समस्या हल नहीं हुई।
दो शिक्षक जल्द संभालेंगे कार्यभार
अभिभावकों ने कहा कि अगर दो दिन में अध्यापकों की कमी को दूर नहीं किया गया तो वह गांव ब्राहमणवाला स्थित हरियाणा-पंजाब स्टेट हाईवे पर जाम लगा देंगे और अपने बच्चों का दाखिला पंजाब के स्कूलों में करवा देंगे। मामले की सूचना मिलते ही ब्राह्मणवाला चौकी के प्रभारी कश्मीर सिंह मौके पर पहुंचे। बच्चों और अभिभावकों को अध्यापकों की कमी पूरा करने का आश्वासन दिया लेकिन अभिभावक और बच्चे नहीं माने। बाद में जिला शिक्षा अधिकारी आशा ग्रोवर और खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी बूटा सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को आश्वासन दिया कि दो अध्यापकों की नियुक्ति स्कूल में कर दी गई है। शीघ्र ही वह अपना कार्यभार संभाल लेंगे। इसके बाद बच्चों ने स्कूल का ताला खोला।