फतेहाबाद में रेसक्यू किए गया सांप स्त्रोत संस्था
फतेहाबाद। भट्टूकलां क्षेत्र में वन्य जीव संरक्षण की भावनात्मक मिसाल सामने आई है। जीव-जंतुओं के लिए काम करने वाली संस्था ने जेसीबी से कटे सांप को उपचार दिया। टांके लगवाए गए। स्वस्थ होने के बाद मंगलवार को टांके खोले गए। अब दो दिन बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
स्नैक मैन पवन जोगपाल ने बताया कि उन्होंने भट्टूकलां में पशु-पक्षी सेवा समिति संस्था का गठन किया हुआ है। जिसके वह प्रधान हैं। यह संस्था घायल और बीमार पशु-पक्षियों के उपचार व संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। पवन जोगपाल ने बताया कि करीब 25 दिन पहले उन्होंने एक इंडियन रेड स्नैक को रेस्क्यू किया था।
यह सांप गांव खजूरी जाटी में उस समय गंभीर रूप से घायल हो गया था, जब वहां जेसीबी से निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी की चपेट में आने से सांप बुरी तरह कट गया और उसकी हालत नाजुक हो गई थी। घायल सांप को तुरंत भट्टूकलां स्थित गोशाला के पास पशु-पक्षी सेवा समिति द्वारा बनाए गए उपचार केंद्र में लाया गया।
यहां पर विशेषज्ञ पशु चिकित्सक डॉ. पवन पूनियां की देखरेख में उसका इलाज शुरू किया गया। पवन के अनुसार, सांप के शरीर पर कुल 10 टांके लगाए गए थे, ताकि घाव ठीक हो सके और उसकी जान बचाई जा सके। इस पूरे उपचार की जिम्मेदारी डॉ. पवन, वेटनरी सर्जन के नेतृत्व में निभाई गई।
उनकी टीम ने लगातार निगरानी रखकर सांप का इलाज किया। उचित दवाइयों, देखभाल और सुरक्षित वातावरण की वजह से सांप की हालत में धीरे-धीरे सुधार होता गया। मंगलवार को उपचार के 25 दिन पूरे होने के बाद सांप के टांके खोल दिए गए। सांप अब पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है, जल्द ही उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।