समैन। जाखल सीएससी के अंतर्गत आने वाले 27 गांवों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ नर्स के 17 पद और चिकित्सकों की 16 में से 10 पद खाली हैं। इसके अलावा फार्मासिस्ट के 5 में से 4 पद खाली हैं।
यही कारण है कि इन गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शहर के निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। गांव समैन टोहाना ब्लॉक का सबसे बड़ा गांव है। गांव की कुल आबादी करीब 18 हजार से अधिक है लेकिन गांव में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी स्थायी चिकित्सक नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट का पद भी खाली है।
ग्रामीण रामफल सिंह, कर्मबीर सिंह, धीरा राम, श्यामबीर, राजबीर सिंह, प्रदीप कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक न होने के कारण उन्हें इलाज के लिए टोहाना, उकलाना या हिसार के निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इन सभी शहरों की गांव से दूरी 15 किलोमीटर से अधिक पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांवों में बने स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी पूरी कर दी जाए तो उन्हें इलाज के लिए शहरों के निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिन गांवों में स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष अभाव है वे टोहाना उपमंडल के बड़े गांवों में शामिल हैं। इन गांवों में समैन, कन्हड़ी, लोहाखेड़ा, बलियावाला, भीमेवाला, गाजुवाला, नांगली, मामूपुर, हिम्मतपुरा, नन्हेड़ी, चिम्मो, हिन्दालवाला, हैदरवाला शामिल हैं। संवाद
-जाखल सीएससी के अंतर्गत कुल 27 गांवों आते हैं। इन गांवों में बने स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी है। जब भी सरकार की तरफ से स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति से संबंधित सूची मांगी जाती है, वह मुख्यालय भेज दी जाती है।
- राजेश क्रांति, एसएमओ जाखल सर्किल।