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Fatehabad News: तीन साल में साढ़े 16 करोड़ रुपये से गलियां ही बनवा पाए नगर पार्षद

Mon, 10 Nov 2025 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के भीमां बस्ती में शुरू किया गया गली निर्माण संवाद
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फतेहाबाद। पार्षद विकास कार्य न होने को लेकर पिछले आठ दिनों से धरने पर हैं। पार्षद तीन साल में अपने वार्डों में साढ़े 16 करोड़ से गलियों के निर्माण करवा पाए हैं। इसके अलावा वे कोई बड़ा प्रोजेक्ट शहर में लाने को नाकाम रहे हैं। वार्डों में अगर विकास की बात करें तो कहीं जमकर काम हुए है तो कहीं झोली खाली रही है।
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नगर परिषद की तरफ से वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक करवाए गए कामों की रिपोर्ट जारी हुई है। इसमें सामने आया है कि वार्ड 23 में सबसे ज्यादा ढाई करोड़ रुपये से विकास कार्य हुए है। सबसे कम काम वार्ड 17 में हुए हैं। पार्षद यहां सिर्फ साढ़े 6 लाख से ही काम करवा पाए हैं। वार्ड 9 में एक करोड़ 6 लाख से काम हुए है। यहां 41 लाख से लाइट लगी हैं।

वार्ड 21 यानि उपप्रधान सविता टुटेजा अपने वार्ड में 84.47 लाख से काम करवा चुकी हैं। पार्षद मोहन लाल नारंग के वार्ड में 84.10 लाख से काम हुए हैं। हालांकि वार्ड 15 में 16.54 लाख, वार्ड 16 में 10.39 लाख से ही काम हुए हैं।
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जानिए किस वार्ड में कितनी लागत से हुआ काम

वार्ड खर्च राशि

1 34.99 लाख

2 66.87 लाख

3 63.52 लाख

4 41.50 लाख

5 53.02 लाख

6 20.96 लाख

7 36.33 लाख

8 48.52 लाख

9 106.31 लाख

10 74.62 लाख

11 83.88 लाख

12 84.10 लाख

13 61 लाख

14 74.25 लाख

15 16.54 लाख

16 10.39 लाख

17 6.60 लाख

18 59.54 लाख

19 62.31 लाख

20 67.42 लाख

21 84.47 लाख

22 42.10 लाख

23 252.71 लाख

24 66.92 लाख

25 58.41 लाख

26 57.96 लाख

27 22.52 लाख

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शहर में बड़ा प्रोजेक्ट नहीं हुआ शुरू

नगर परिषद की तरफ से हिसार-सिरसा रोड पर डिवाइडर का निर्माण हुआ है। एसबीआई मार्ग को मॉडल रोड बनाया गया है। इसके अलावा कोई बड़ा प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया है। साइकिल ट्रैक, चिल्ली झील सुंदरीकरण, कम्युनिटी सेंटर निर्माण, ऑडिटोरियम, नगर परिषद के नए भवन का निर्माण प्रोजेक्ट अटका पड़ा है।

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एमई को टेंडर लगाने की दी जाए पावर

पार्षद मोहन लाल नारंग का कहना है कि उनकी मांग है कि मासिक मीटिंग सुनिश्चित करें, इसमें कार्यों की समीक्षा हो। जिन कामों के वर्क आर्डर हो चुके हैं उन्हें शुरू करें। स्थायी कार्यकारी अभियंता लगाया जाए या एमई को टेंडर लगाने की पावर दी जाए। मरमत के टेंडर लगाए जाएं। बिना पार्षदों के हस्ताक्षर के पेमेंट न की जाए।
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विकास कार्य वार्डों में जारी हैं। एस्टीमेट बन चुके हैं कुछ बनने हैं। कार्यकारी अभियंता के आने बाद टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।

-नरेंद्र पंवार, एमई, नगर परिषद
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