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Fatehabad News: पुलिस की मौजूदगी में दहमान में शामलात और तालाब की जमीन से 29 कब्जे हटाए

Tue, 07 Apr 2026 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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ग्राम पंचायत दहमान में अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान मौजूद ग्रामीण स्त्रोत प्रशासन
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भूना। ग्राम पंचायत दहमान में मंगलवार को गैर मुमकिन तालाब और खसरा नंबर 585 की शामलात भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। न्यायालय के आदेश पर प्रशासनिक टीम ने दो बुलडोजर चलाकर 29 कब्जाधारियों के मकानों को ध्वस्त कर जमीन खाली करवाई। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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इस भूमि पर करीब 20 साल से अवैध कब्जे किए हुए थे। पिछले वर्ष पूर्व सरपंच के बेटे का कब्जा हटाए जाने के बाद इस मामले में लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। पंचायत द्वारा कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद कब्जाधारियों ने जमीन खाली नहीं की। इसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा। न्यायालय के आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई अमल में लाई गई।

कब्जा हटाओ कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट असिस्टेंट प्रोफेसर छोटू राम के नेतृत्व में की गई। उनके साथ कानूनगो करनैल सिंह, ग्राम सचिव जगन और सरपंच प्रतिनिधि मदन यादव भी मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया और कानून व्यवस्था बनाए रखी।
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चार परिवारों को कोर्ट से राहत, बाकी पर कार्रवाई



गांव दहमान में 33 कब्जाधारियों में से 4 लोगों सतवीर सिंह, साधु राम, अनूप सिंह और बलराज को सिविल कोर्ट से स्टे मिला हुआ था। इस कारण प्रशासन ने इन चार परिवारों के प्रतिष्ठानों को छोड़कर शेष 29 कब्जों को हटाया। कुछ लोगों ने कार्रवाई से पहले ही स्वयं अपने कब्जे हटा लिए जबकि बाकी के मकानों पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया।







पंचायत ने बार-बार दिए थे नोटिस







ग्राम पंचायत दहमान की ओर से कब्जाधारियों को कई बार नोटिस देकर जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस पाने वालों में सुल्तान सिंह, बलवान सिंह, सूबे सिंह, ननिया राम, बारूराम, बलराज, सतवीर सिंह, दलबीर सिंह, वीरू, संदीप, सुरेंद्र, पप्पू, सतपाल, फतेह सिंह, सुरेश कुमार, महावीर, पुनीत, राजकुमार, प्रकाश, चांदीराम, रामधारी, साधु राम, अनूप सिंह, रामपाल सहित अन्य लोग शामिल थे। इसके बावजूद कब्जे नहीं हटाए गए जिसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी पंचायत भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
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