गांव पारता के खेल परिसर के अभाव में पंचायती जमीन में बने खेल ग्राउंड पर अभ्यास करते हुए गांव के
समैन। टोहाना खंड के गांव पारता में खेल सुविधाओं का अभाव ग्रामीण प्रतिभाओं के आगे बड़ी बाधा है। गांव के 150 से अधिक खिलाड़ी जिनमें क्रिकेट, तीरंदाजी, खो-खो और एथलेटिक्स से जुड़े युवा शामिल हैं। ये खिलाड़ी पंचायती जमीन पर बने अस्थायी मैदान में अभ्यास करने को मजबूर हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि गांव में न तो खेल परिसर है और न ही कोई सरकारी खेल सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मजबूरी में वे सरकारी स्कूल और पंचायत की जमीन पर बने सीमित संसाधनों वाले मैदानों में अभ्यास करते हैं, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है। युवाओं का कहना है कि यदि सरकार गांव में एक पूर्ण खेल परिसर का निर्माण करवाए, तो वे बेहतर प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
गांव पारता में क्रिकेट से लेकर एथलीट्स तक के कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं। खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से कोई खेल सुविधा नहीं मिलती है। खिलाड़ी स्वयं ही खेल सुविधाएं जुटाकर खेलों का अभ्यास कर रहे हैं। उनकी सरकार से अपील है कि गांव में जल्द से जल्द खेल परिसर का निर्माण करवाया जाए, ताकि खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर गांव का नाम रोशन कर सकें।
-बलवान सिंह, खेल कोच।
गांव में अलग अलग खेलों से जुड़े 150 से अधिक खिलाड़ी सुविधाओं के अभाव में सरकारी स्कूल व पंचायती जमीन पर बने मैदान में ही अभ्यास करते हैं। उनके कार्यकाल में ग्राम पंचायत ने गांव में खेल परिसर बनवाने के लिए प्रयास किया, लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ पाया। उनकी सरकार से मांग है कि गांव में खेल परिसर बनाए, ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांव का नाम रोशन कर सकें।
-पवन महला, पूर्व सरपंच।