गांव भीमेवाला की खाली जमीन जिस पर नहीं हो सकी गेहूं की बिजाई। संवाद
- फोटो : दिल्ली बम धमाके में मृृतकों को कैंडिल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि देते सूफी खानकाह एसोसिएशन के पदाधिकारी। स्रोत स्वयंं
समैन। टोहाना खंड के गांव भीमेवाला में 200 एकड़ जमीन में सेम की समस्या के कारण गेहूं की बिजाई नहीं हो पाई है। मानसून में हुई बारिश के कारण गांव के खेतों में अभी तक जलभराव के कारण सेम की समस्या है। इससे खेतों की जमीन में सेम की समस्या बन गई है।
किसानों का कहना है कि बारिश के जलभराव से उनकी धान, नरमा व बाजरे की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। अब सेम की समस्या से उनके खेतों में गेहूं की फसल की बिजाई भी नहीं हो पा रही है। ग्रामीण किसान रामफल, शमशेर, मनीराम, प्रदीप और अनूप कुमार ने बताया कि उनके खेतों में अभी भी कई जगहों पर पानी भरा हुआ है व गेहूं की फसल की बिजाई नहीं हो सकती है। उनकी प्रदेश सरकार से मांग है कि किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक मदद हो सके और सेम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
-
जलभराव से किसानों की धान, नरमा व बाजरे की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। अब वे गेहूं की बिजाई भी नहीं कर पा रहे हैं। सरकार को किसानों को राहत देने के लिए तुरंत प्रभाव से मुआवजा देना चाहिए और सेम की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
सुरेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि भीमेवाला।
-
मानसून सीजन में बारिश से धान, नरमा व बाजरे की फसल पूरी तरह से खराब हो गई। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की 200 एकड़ जमीन में गेहूं की बिजाई होना नामुमकिन है, इसलिए सरकार को जल्द से जल्द किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
प्रदीप नैन, किसान भीमेवाला।