फतेहाबाद के पुराने बस स्टैंड के बाहर खड़ी सहकारी समिति की बस।
फतेहाबाद। पिछले 24 साल में जिले की जनसंख्या 7 लाख से 11 लाख पहुंच गई लेकिन उसी अनुपात में परिवहन सेवाओं में इजाफा नहीं हुआ। हालांकि रोडवेज ने यात्रियों की सुविधा के लिए जिले में नया बस स्टैंड परिसर तो बनवा दिया लेकिन बसों की संख्या नहीं बढ़ी।
हालत ये है कि यात्रियों को सुबह व शाम के समय हिसार व सिरसा की तरफ आवागमन करने में काफी परेशानी होती है। वहीं बीएस 6 बसों वाले नियम के कारण दिल्ली व एनसीआर में बसें नहीं जा पा रही हैं। साथ ही जिले के कई लोकल रूट पर तो दिन में सिर्फ एक बार ही बस जाती है। बता दें कि साल 2001 में जिले की जनसंख्या करीब 7 लाख थी, जो अब करीब 11 लाख तक पहुंच गई। फैमिली आईडी के अनुसार जिले में 10 लाख 80 हजार लोग रह रहे हैं। वहीं जिले में करीब 30 से 40 हजार प्रवासी लोग भी रह रहे हैं।
इतनी आबादी के लिए जिले में महज 180 रोडवेज की बस है। जबकि रोडवेज के अनुसार 2001 में भी 160 बसें थी। 24 साल में करीब 4 लाख जनसंख्या बढ़ गई लेकिन बसों की संख्या में करीब 20 का ही इजाफा हुआ। वहीं रोडवेज में चालक व परिचालकों की भी सरकार पक्की भर्ती करने के बजाय कौशल रोजगार निगम के तहत रखने शुरू कर दिए हैं।
लोकल रूट पर परेशानी ज्यादा
फतेहाबाद से रतिया, भूना, टोहाना, भट्टू, उकलाना, जाखल के अलावा ग्रामीणों रूटों को लेकर परेशानी आ रही है। इसको लेकर अक्सर अधिकारियों व मंत्रियों के खुले दरबार में शिकायत भी आती है। कई गांव तो ऐसे हैं। जिनमें दिन में मुश्किल से दो बार ही बस जाती है। वहीं शहर से बाहर बस स्टैंड होने के कारण यात्रियों को बड़ी परेशानी आ रही है। धांगड़ व बड़ोपल से फतेहाबाद आने के लिए दो बार बस बदलनी पड़ती है।