वहां खड़ी रेहड़ियों को हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान हुडा अधिकारियों के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। हुडा के जेई वीरभान के साथ एसडीओ तारा चंद एवं भूपेन्द्र सिंह भी टीम में शामिल रहे।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने 1 दिसंबर के अंक में ही हंस मार्केट में अवैध खोखों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए हुडा की स्पेशल टीम ने मंगलवार को ही कार्रवाई को अंजाम दे दिया।
बुधवार तक की दी चेतावनी
हुडा के अधिकारी जब हंस मार्केट में अवैध खोखे खाली करवा रहे थे तो कुछ खोखा मालिकों ने हुडा विभाग को जमा करवाए शुल्क की रसीद होने की बात कही।
इस पर जेई वीरभान ने उनको बुधवार तक का समय देते हुए रसीद दिखाने को कहा। हालांकि जेई वीरभान ने ये भी कहा कि हुडा अपनी जमीन पर खोखा लगाने की कोई इजाजत नहीं देता, ऐसे में रसीद का होना संभव ही नहीं है।
रेहड़ी चालक बोले, दुकानदारों को देते हैं किराया
हुडा अधिकारियों ने जब हंस मार्केट में खड़ी रेहड़ियों को हटवाना शुरू किया तो कुछ रेहड़ी चालकों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने मार्केट के दुकानदारों को उनकी दुकानों के आगे रेहड़ी खड़ी करने का किराया दिया है।
उन्होंने हुडा अधिकारियों से लिखित में शिकायत देकर मांग की है कि दुकानदारों से उनका बकाया किराया वापस दिलवा दें। हुडा अधिकारियों ने कहा कि दुकानदारों द्वारा इस तरह से किराया लेना अवैध है। अगर ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
खाली प्लाटों की बोली करवाने की मांग
हंस मार्केट से अवैध कब्जा हटवाने पहुंची हुडा की विशेष टीम को स्थानीय दुकानदारों ने एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में अधिकारियों से मांग रखी गई कि मार्केट में हुडा के जो खाली प्लॉट पड़े हैं, उनकी जल्द से जल्द बोली करवाई जाए ताकि यहां पर पड़ी गंदगी साफ हो सके।
दुकानदारों का आरोप था कि खाली पड़े प्लाटों में लोग गंदगी फेंक जाते हैं। जिसके कारण उनकी दुकान का काम भी प्रभावित होता है। अधिकारियों ने उनकी मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
हंस मार्केट में अवैध कब्जे की शिकायत काफी समय से थी। खासकर खोखों को लेकर। मंगलवार को कार्रवाई करते हुए खोखे हटाए गए हैं। कुछ खोखा मालिकों ने हुडा की रसीद होने की बात कही है।
उनको बुधवार तक रसीद दिखाने को कहा गया है। वैसे रसीद होने की संभावना ही नहीं है लेकिन किसी भी कानूनी पचड़े से बचने के लिए खोखा मालिकों को बुधवार को रसीद दिखाने को कहा गया है।
वीरभान, जेई, हुडा विभाग ।