फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी के बाहर गेहूं के धीमे उठान को लेकर धरने पर व्यापारी और आढ़ती।
फतेहाबाद। फतेहाबाद की अनाज मंडी में गेहूं का उठान नहीं होने से नाराज आढ़ती और व्यापारियों का शुक्रवार को दूसरे दिन भी अनाज मंडी के गेट के बाहर धरना जारी रहा। इस दौरान आढ़ती और व्यापारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार मंडल के प्रधान जगदीश भादू ने कहा कि खरीद एजेंसियों के अधिकारियों ने अपने आश्वासन के अनुसार मंडी से गेहूं का उठान तेज नहीं करती है तो आढ़ती व मजदूर मंडी के सभी गेटों को बंद कर धरने पर बैठे रहेंगे और जिला प्रशासन का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
व्यापार मंडल जगदीश भादू ने कहा कि पिछले एक महीने से गेहूं का सीजन चल रहा है। जमींदारों ने सीजन शुरू होते ही एक हफ्ते में अपनी गेहूं की फसल मंडी में पहुंचा दी थी लेकिन खरीद एजेंसी के अधिकारियों ने आवक को देखते हुए उठान में तेजी लाने के प्रयास नहीं किये। जिसके कारण मंडी के हालात यह है कि पिछले 10 दिनों से मंडी में गेहूं नहीं आवक नहीं हो रही है, इसके बावजूद भी फतेहाबाद की दोनों अनाज मंडियां गेहूं की बोरियों से अटी पड़ी हैं। एक तरफ गेहूं का उठान न होने से मंडी के आढ़तियों और जमींदारों का करीब 100 करोड़ का भुगतान रुका पड़ा है वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी में खुले में रखा गेहूं सूख रहा है और इस घटौती की भरपाई भी आढ़तियों से की जा रही है। व्यापारियों ने एक महीने पहले ही प्रशासन को चेता दिया था कि अगर फतेहाबाद की अनाज मंडी में डीएफएससी खरीद नहीं करती है तो मंडी के हालात बुरे हो जाएंगे लेकिन अधिकारी नहीं माने। इस कारण आज हालात यह हो गए हैं कि मंडी में अब भी 6 लाख बैग गेहूं के रखे हुए हैं और व्यापारियों और जमींदारों का करीब 100 करोड़ सरकार की तरफ बकाया पड़ा है।
अगर यही हालात रहे तो अगले 20 दिन भी मंडी से गेहूं का पूरा उठान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि एक-एक किलो प्रति बैग की घटौती आई हुई है। व्यापारी को 46 रुपये आढ़त मिलेगी जबकि 52 रुपये उनके काटे जाएंगे। आढ़तियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आश्वासन के अनुसार एक दिन में 60 हजार बैगों की लिफ्टिंग नहीं की गई तो आढ़ती व मजदूरों का धरना जारी रहेगा। इस दौरान व्यापार मंडल अनाज मंडी के व्यापारी,आढ़ती और मजदूर उपस्थित रहे।