फतेहाबाद में जिला पुस्तकालय को लेकर जानकारी देते संघर्ष समिति सदस्य। स्रोत : समिति
फतेहाबाद। जिला पुस्तकालय के लिए भवन के मुद्दे को लेकर पुस्तकालय संघर्ष समिति की बैठक सोमवार को डॉ. भगवान दास की अध्यक्षता में पुरानी कचहरी रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पब्लिक पार्क जगजीवनपुरा में संपन्न हुई। बैठक में प्रशासन से पंचायत भवन के दो हॉल अस्थायी रूप से देने की मांग की गई।
बैठक में जिला पुस्तकालय की बदहाल स्थिति, प्रशासनिक उदासीनता और शहर में इसके उचित स्थान को लेकर गहन मंथन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बुधवार 27 अगस्त को समिति का प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा और उनसे मांग की जाएगी कि नई बस स्टैंड पर बोरियों में बंद कर रखीं पुस्तकों को तुरंत सम्मानपूर्वक अलमारियों में रखा जाए और उन्हें आजीवन सदस्यों के लिए उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान एडवोकेट सुशील बिश्नोई, नागरिक मंच के संयोजक राजीव सेतिया, सिटी वेलफेयर क्लब के प्रधान विनोद अरोड़ा, पूर्व सरपंच रामजस, कर्मचारी नेता सुभाष चौहान, अध्यापक रमेश कुमार, अध्यापक गोल्डी झंडई, संतोख सिंह वधवा, राजकुमार, नवीन आदि मौजूद रहे
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पुस्तकों को बोरियों में बंद करके रखना ज्ञान का अपमान
समिति का कहना है कि हजारों पुस्तकों को बोरियों में बंद करके रखा जाना न केवल किताबों का बल्कि शिक्षा व ज्ञान का भी अपमान है। चर्चा के दौरान यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठा कि आजीवन सदस्यों को वर्तमान में किताबें जारी नहीं की जा रही हैं। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किताबें अलग जगह पर बंद बोरियों में पड़ी हैं और और रीडिंग रूम कहीं है। बैठक में सरकार द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को जिला पुस्तकालय के लिए आवंटित की गई जमीन की असमंजस की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। संयोजक मोहनलाल नारंग ने कहा कि पुस्तकालय संघर्ष समिति गांधीवादी तरीके से संघर्ष को आगे बढ़ाएगी। संयोजक ने स्पष्ट किया कि जब तक फतेहाबाद को एक आधुनिक जिला पुस्तकालय नहीं मिलता तब तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।