फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आक्रोश : निजी अस्पताल ने नहीं दिया शव, ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे किया जाम

Mon, 17 Feb 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
रतिया शहर के फतेहाबाद रोड गांव हमजापुर में जाम लगाते हुए ग्रामीण।संवाद
विज्ञापन
रतिया। हिसार के एक निजी अस्पताल ने मृतक के शव परिजनों को नहीं सौंपा। इस पर गांव हमजापुर के ग्रामीणों व मृतक के परिजनों ने रतिया-फतेहाबाद स्टेट हाईवे जाम कर दिया। लोगों ने डीसी के समझाने पर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खोल दिया।
विज्ञापन

बता दें कि गांव हमजापुर का निवासी जग्गा सिंह सड़क दुर्घटना में घायल हो गया। परिजन उसे लेकर हिसार स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि निजी अस्पताल संचालकों ने मृतक के परिवार से उपचार के नाम पर लाखों रुपये मांग लिए। इस पर गुस्साए परिजनों ने व ग्रामीणों ने गांव हमजापुर के बस स्टैंड के पास रतिया-फतेहाबाद स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। गुस्साए लोगों ने निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस भी जाम खुलवाने के लिए मौके पर पहुंची। लेकिन ग्रामीण अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। इसके बाद एसडीएम सुरेश कुमार ने गांव के सरपंच व अन्य प्रतिनिधियों से बातचीत कर पूरे मामले से जिला उपायुक्त मनदीप कौर को अवगत करवाया। उपायुक्त के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे बाद जाम को खोल दिया। गांव के सरपंच देवेंद्र सिंह ने बताया की उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद हिसार प्रशासन के सहयोग से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। उसके बाद शाम को गांव में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजनों का आरोप
परिजन मुख्तार सिंह, करण सिंह, सुमित, काला सिंह, जसवंत सिंह सहित अन्य ग्रामीण ने आरोप लगाया कि गुलजार की मौत पहले ही हो चुकी थी। डॉक्टर ने ज्यादा पैसे लेने के लिए उसे वेंटिलेटर पर लगाए रखा। उन्होंने बताया कि पहले उनसे 40 हजार रुपये जमा करवाए गए तथा उसके बाद 20 हजार रुपये अस्पताल के काउंटर पर जमा करवाए गए। इसके बाद उनसे 1 लाख 60 हजार रुपये और जमा करवाने को कहा गया। वे जब भी मरीज की हालत के बारे में पूछते तो स्टाफ उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर से बात की तो उन्होंने उनके मरीज को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

जग्गा की मौत हादसा या हत्या, हो जांच

ग्रामीणों ने आशंका जताते हुए प्रशासन से यह भी मांग की कि जग्गा की मौत की जांच की जाए कि यह एक्सीडेंट है या किसी ने उसका मर्डर किया है। सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी और गांव के सरपंच देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने एसडीएम सुरेश कुमार ने गांव के सरपंच व अन्य प्रतिनिधियों की बातचीत कर पूरे मामले से जिला उपायुक्त मनदीप कौर को अवगत करवाया। उपायुक्त मनदीप कौर के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
उच्चस्तरीय जांच करवाने का दिया आश्वासन

जिला उपायुक्त ने ग्रामीणों को बातचीत के लिए फतेहाबाद बुलाया। जिसके बाद उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और सिविल सर्जन को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद निजी अस्पताल से शव परिजनों को दिलवाया गया और शाम को गांव में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक जग्गा दो बच्चों का पिता था।
ये है मामला
गांव हमजापुर निवासी कंबाइन चालक जग्गा सिंह दो दिन पूर्व भिरड़ाना गया हुआ था। घर लौटते समय वह सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। लोगों ने उन्हें फतेहाबाद के अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां से जग्गा सिंह को गंभीर हालत के चलते चलते हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवा 60 हजार रुपये भी जमा करवा दिए। सोमवार को अस्पताल के डॉक्टरों ने गुलजार को मृत घोषित कर दिया और परिजनों से 1 लाख 60 हजार रुपये उपचार के लिए मांगे। रुपये नहीं देने पर परिजनों को शव देने से इन्कार कर दिया। इस पर परिजन और ग्रामीणों में रोष फैल गया। इसी रोषस्वरूप ग्रामीण और परिजनों ने रतिया फतेहाबाद स्टेट हाईवे पर जाम लगा कर अस्पताल संचालकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें