जाखल। रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के चलते बंद मुख्य रास्ते को चालू करने की मांग पर जाखल में आंदोलन की तैयारी तेज हो गई है। 15 सदस्यीय कमेटी ने रेलवे विभाग को 5 अक्तूबर तक अस्थाई रास्ता तैयार कर चालू करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा नहीं होने पर 6 अक्तूबर को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।
शुक्रवार को हुई कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। रेलवे और प्रशासन को तय समय सीमा में रास्ते की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। कमेटी रेलवे अधिकारियों को आंदोलन के निर्णय से अवगत करवा चुकी है। बैठक में प्रधान लाभ सिंह, नसीब सिंह, बलकार सिंह, करनेल सिंह, जगरूप सिंह और हरविंदर सिंह सहित किसान, मजदूर और अन्य लोग मौजूद रहे।
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15 अगस्त को मनाया था काला दिवस
मुख्य रास्ता बंद किए जाने के विरोध में लोगों ने 15 अगस्त को काला दिवस मनाया था। इस दौरान बाजार बंद रखकर रेलवे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। लोगों ने अस्थाई रास्ता उपलब्ध करवाने की मांग उठाई थी। इसके बाद प्रशासन ने रास्ते का निर्माण कार्य शुरू करवाया लेकिन इसे तैयार कर चालू करने में हो रही देरी से लोगों का रोष बढ़ रहा है।
धान सीजन में किसानों की बढ़ी मुश्किलें
ओवरब्रिज निर्माण के चलते रास्ता बंद होने का असर किसानों और व्यापारियों पर पड़ रहा है। धान सीजन शुरू होने से किसानों को फसल मंडी तक पहुंचाने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे समय और अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। वहीं मंडी के दुकानदारों और आमजन के कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
अब आश्वासन नहीं, अस्थायी रास्ते की मांग
कमेटी ने स्पष्ट किया कि 5 अक्तूबर तक रास्ता तैयार कर चालू करना जरूरी है। निर्धारित समय सीमा में समाधान नहीं हुआ तो 6 अक्तूबर को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। अब रेलवे विभाग के कदमों पर जाखलवासियों की निगाहें टिकी हैं। लोगों ने संकेत दिया है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा।
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चेतावनी के बाद रेलवे के सिग्नल विभाग ने काम किया शुरू
किसानों के सुबह हुई बैठक में रेल रोकने की चेतावनी के बाद विभाग शाम तक हरकत में आ गया। इसके बाद रास्ता शुरू करने का काम शाम से शुरू हो गया। वहीं इस दौरान नगर पालिका के अध्यक्ष विकास कामरा व अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।