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Fatehabad News: बीस साल से पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए भटक रहा पति, अफसर बोले- साक्ष्य देने होंगे

Thu, 30 Apr 2026 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के डीपीआरसी हॉल में मंत्री श्रुति चौधरी की अनुप​स्थिति में बैठक में ​शिकायत सुनते उपाय
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फतेहाबाद। पत्नी का 20 वर्ष पहले देहांत हो चुका पर इसे साबित करने के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं है। इसे बनवाने के लिए अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा चुका हूं पर वे साक्ष्य मांगते हैं। जब यह शिकायत गांव बड़ोपल निवासी राधेश्याम ने परिवेदना समिति की बैठक में रखी तो समाधान के नाम पर कोर्ट केस का सुझाव दिया गया।
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राधेश्याम ने बैठक में कहा कि पत्नी शारदा का देहांत वर्ष 2006 में हो चुका है लेकिन उसका मृत्यु प्रमाण नहीं बना था। जरूरत पड़ने पर जब आवेदन किया तो पोर्टल 10 तरह के साक्ष्य मांग रहा है। मामले की सुनवाई में अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पत्नी की मृत्यु संबंधित साक्ष्य देने होंगे या फिर कोर्ट के जरिए समाधान हो सकता है। जो प्रोसिजर है उसी के तहत ही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जा सकता है। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि चौकीदार और पंचायत की ओर से इस बारे में संबंधित एनओसी मिल चुकी है पर वे भी पोर्टल पर मान्य नहीं है।

लघु सचिवालय के पास स्थित डीपीआरसी भवन में वीरवार को जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त डाॅ. विवेक भारती ने की। बैठक में 12 परिवाद प्रस्तुत किए गए जिनमें से 10 का समाधान किया गया। शेष दो में संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
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गांव गोरखपुर डाकघर शाखा से जुड़े मामले की सुनवाई में मुख्य डाकपाल इस बार भी पेश नहीं हुए तो डीसी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। गोरखपुर निवासी सुरेंद्र की डाकघर में एफडी से संबंधित धोखाधड़ी से संबंधित शिकायत दी थी। मंत्री श्रुति चौधरी इस बार भी बैठक में नहीं पहुंची। करीब 9 माह पहले बैठक लेकर मंत्री ने परिवाद की सुनवाई की थी।

बैठक में प्रशासन के पास 12 मामले पहुंचे थे जिसमें 5 पुराने व 7 नए मामले शामिल थे। बैठक में सबसे ज्यादा शिकायतें जन स्वास्थ्य विभाग की थी। इस पर डीसी डॉ. विवेक भारती ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मी के मौसम में कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं रहनी चाहिए और सभी वाटर टैंक की नियमित व प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए।

एक अन्य मामले में ढाणी शेखांवाली दरियापुर निवासी धनुराधा द्वारा कॉलेज में जमा कराए गए दस्तावेज वापस न मिलने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीसी ने उच्चतर शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि किसी भी विद्यार्थी को अपने शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। संबंधित कॉलेज प्रशासन से समन्वय स्थापित कर मामले का शीघ्र एवं नियमानुसार समाधान कराया जाए।

हंस कॉलोनी में गंदे पानी की निकासी की समस्या पर सुनवाई करते हुए डीसी ने जनस्वास्थ्य विभाग को सीवरेज व्यवस्था सहित वैकल्पिक इंतजाम तत्काल प्रभाव से दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर, एसडीएम टोहाना आकाश शर्मा, एसडीएम फतेहाबाद राजेश कुमार, आरटीए सचिव संजय बिश्नोई, एसडीएम रतिया सुरेंद्र सिंह, सीईओ सुरेश कुमार, सीटीएम गौरव गुप्ता, नगर परिषद की उपाध्यक्ष सविता टुटेजा, सहित अन्य अधिकारी और समिति के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।





नहला के ग्रामीण बोला पेयजल की कमी

परिवेदना समिति की बैठक में गांव नहला के ग्रामीणों ने पेयजल की कमी और वाटर टैंक की सफाई न होने की समस्या उठाई। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता बलविंद्र नैन ने बताया कि टैंक की सफाई कर पानी भरा जा चुका है। डीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीपीओ को मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी गांवों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा सिंचाई विभाग के साथ तालमेल बनाकर वाटर वर्क्स में पर्याप्त जल भंडारण रखने के निर्देश दिए ताकि गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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पाइपलाइन गड़बड़ी मामले में एजेंसी होगी ब्लैकलिस्ट

गांव बड़ोपल निवासी सुंदर सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीसी ने खराब गुणवत्ता वाली पाइपलाइन के बारे में सिंचाई विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइप बदले जा रहे हैं और कार्य की निगरानी की जा रही है। एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है। केंद्रीय विद्यालय की भूमि से पाइपलाइन हटाने की कार्रवाई बारिश के बाद की जाएगी।
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