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शिकारी बिल्ली बनी कुत्तों का शिकार

Sat, 03 May 2014 12:09 AM IST
fatehabad
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ढाई माह के मासूम बच्चे को बेरहमी से खाकर मौत के घाट उतार देने वाली बिल्ली देर रात्रि को परिजनों के हाथ लग गई। जिसको पकड़कर शमशान भूमि में छोड़ दिया गया था, लेकिन लावारिस कुत्तों ने उक्त बिल्ली पर हमला करके उसे भी मार डाला।
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भले ही बिल्ली का काम तमाम हो गया हो, लेकिन कालकलवित हुए बच्चे के परिजनों का रो-रो कर हाल बेहाल बना हुआ है। अपने जिगर के टुक डे़ को इस तरह खो देने के बाद बच्चे की मां तीजो देवी गहरे सदमे में है। वह अपने बच्चे को बार-बार पुकारती रहती है।

जानकारी है कि बृहस्पतिवार की दोपहर को प्राचीन शिव मंदिर के निकट वार्ड नं0 19 निवासी तीजो देवी पत्नी विनोद कुमार सुथार अपने ढाई महीने के बच्चे को नहलाकर पालने में सुलाकर पड़ोस के घर में एक महिला के पास चली गई थी। इसी दौरान उनकी पालतू बिल्ली ने उनके मासूम बच्चे प्रमोद पर हमला बोल दिया।
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बिल्ली ने प्रमोद के पैरों व हाथों की उंगलियां पूरी तरह से खा गई ली थी और शरीर के कई भागों को जख्मी कर दिया था। तीजो देवी ने बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनी तो वह मौके पर पहुंची। इस दौरान बिल्ली मासूम बच्चे को नोंच रही थी। जिसको देखकर तीजो देवी बच्चे के पास दौड़ कर पहुंची थी।

इस दौरान मां ने भी जोर-जोर से रोना शुरू कर दिया था जिसे सुनर पड़ोसियों ने तुरंत घर में पहुंच कर बच्चे की गंभीर हालात को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भूना में दाखिल करवाया।  इसके बाद बच्चे को फतेहाबाद से हिसार  रैफर किया गया। इस दौरान बच्चे नेे रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद भूना में बच्चे की मौत पर लोगों ने गहरा दुख प्रकट किया है।

विनोद कुमार व तीजो देवी अपने घर तीन बेटियों के बाद पैदा हुए प्रमोद के जन्म की खुशियों का कोई ठिकाना नहीं रहा था। जिसको लेकर एक सप्ताह बाद घर में कुआं पूजन व रिश्तेदारों तथा मित्र-संबंधियों को पार्टी के रूप में बुलाया जाना था। परंतु भगवान को ऐसा मंजूर नहीं था।

बिल्ली को मार देना  घोर पाप माना जाता है। रूढ़ीवादी परम्परा एवं विचारों के चलते बिल्ली को कोई व्यक्ति मार देता है तो उसे सोने-चांदी की बिल्ली का रूप बनाकर गंगाजल में प्रवाह करना अनिवार्य है। इसी तरह की तमाम परम्पराएं यहां के लोगों में प्रचलित हैं।

वार्ड नं. 19 निवासी आशा मेहता व समाज सेविका पूजा कत्याल ने कहा कि ऐसी बिल्लियों के पालन-पोषण के शौंक से तो अच्छा गोशाला में गायों की सेवा करनी देनी चाहिए । ऐसा करने से गोभक्त को जहां शांति मिलेगी वहीं दुष विचारों से भी छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि पालतू बिल्ली, कुत्तों से लोगों को दूर रहना चाहिए।

 सनसाइन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल नेहा रेवड़ी ने बताया कि बिल्ली के आतंकी रूप को देखकर रूह कांप गई है। क्या बिल्ली ऐसा खूनी खेल भी खेल सकती है। यह पहली बार देखने में आया है। ऐसी आतंकी बिल्लियों से लोगों को परहेज रखना चाहिए। राजबाला रूलहानियां व पूर्व सरपंच सुमित्रा दहिया ने मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है।
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