शहर का लालबत्ती चौक जहां पर ज्यादा भीड़ रहती है।
फतेहाबाद। शहर में निगरानी के लिए तीसरी आंख लगवाने का प्रोजेक्ट पिछले काफी समय से सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। सीसीटीवी लगवाने का काम नगर परिषद और पुलिस प्रशासन के बीच फंस कर रह गया है। शहर में चोरी, स्नैचिंग समेत आपराधिक घटनाएं होने के बावजूद भी शहर के प्रतिनिधि व अधिकारी मुख्य चौक-चौराहों पर सीसीटीवी नहीं लगवा पा रहे हैं।
सीसीटीवी लगवाने के जिम्मेदार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। लेकिन समाधान की ओर कोई बढ़ना नहीं चाह रहा। पुलिस विभाग की ओर से शहर के 54 महत्वपूर्ण जगह चिह्नित किए हैं, जहां पर सीसीटीवी लगाए जाने जरूरी हैं। मौजूदा हालात यह है कि इन 54 प्वाइंटों पर कैमरे लगवाने की फाइल कार्यालयों में दबकर रह गई है।
शहर में सीसीटीवी को लेकर वर्ष 2019 में नगर निकाय और पुलिस विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक में नगर निकाय ने सीसीटीवी लगवाने से ये कहकर मनाकर दिया था कि उनके पास सीसीटीवी लगाने के लिए कोई अथॉरिटी नहीं है। जिसके बाद पुलिस विभाग ने सीसीटीवी लगवाने के लिए योजना तैयार की, लेकिन पुलिस के पास सीसीटीवी लगवाने के लिए बजट नहीं है।
जिस कारण अब तक शहरवासी सीसीटीवी लगने का इंतजार कर रहे हैं। हर साल शहर में सैकड़ों चोरी, छीना-झपटी व अन्य अपराध होते हैं। अपराध होने के बाद पुलिस को जांच के लिए दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के भरोसे रहना पड़ता है।