हॉकी खिलाड़ी आशा, अपने कोच रणसिंह राणा के साथ।
फतेहाबाद। गांव बैजलपुर निवासी आशा ने नौ वर्ष की उम्र में ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया था। दसवीं कक्षा की छात्रा 16 वर्षीय आशा राज्यस्तरीय हॉकी में खेल कर कांस्य पदक जीत चुकी है। आशा से ही प्रेरणा लेकर भाई दिव्यांश ने भी हॉकी खेलना शुरू कर दिया है।
आशा वर्तमान में गांव बैजलपुर के सरकारी स्कूल में कक्षा दसवीं की पढ़ाई कर रही है। वह हॉकी खेल में फॉरवर्ड अटेकर की पोजीशन में खेलती है। पढ़ाई के साथ-साथ वह सुबह-शाम मैदान में पसीना भी बहा रही हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत परिवार और गांव का नाम रोशन कर सके।
आशा के एक भाई और एक बहन और है। आशा दोनों से बड़ी है। माता संतोष और पिता रणधीर सिंह मजदूरी करते हैं। भले ही घर की आर्थिक स्थिति कमजोर हो उसके बाद भी आशा पूरी मेहनत से अपने खेल को निखार रही है। आशा जब पांचवीं कक्षा में थी, तब उन्होंने खेलना शुरू किया था। छोटी से उम्र में खेल प्रदर्शन से उसको चयन हरियाणा राज्य की टीम में चयन हुआ है। आशा ने राष्ट्रीय व राज्य स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया है।