शहर की पुरानी सब्जी मंडी में रंगों व पिचकारियों से सजी दुकानें। संवाद
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फतेहाबाद। होली से पहले बाजारों में रौनक चरम पर है और इस बार सूखे व हर्बल रंगों की मांग तेजी से बढ़ी है। शहर के प्रमुख बाजार रंग, गुलाल और पिचकारियों से सजे नजर आ रहे हैं। लाल, पीले, हरे और गुलाबी रंगों की लगीं ढेरियां ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। दुकानदार अच्छी बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह से बाजारों में रौनक लौटी है। इस बार खरीदारी के रुझान में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। दुकानदार पवन, संदीप और राजू ने बताया कि सूखे रंगों और हर्बल गुलाल की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पानी बचाने की सोच और त्वचा की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के कारण लोग गीले रंगों से दूरी बना रहे हैं।
दुकानदार सोनू ने बताया कि ग्राहक ऐसे रंग मांग रहे हैं जो आसानी से साफ हो जाएं और त्वचा पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव भी न छोड़ें। रासायनिक और पक्के रंगों की मांग न के बराबर है। बाजार में बच्चों के लिए आकर्षक पिचकारियां भी उपलब्ध हैं, जिनकी खरीद में उत्साह नजर आ रहा है।
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खरीदारों में उत्साह
बाजारों में अच्छी रौनक है। बच्चों के लिए जहां डोरेमोन और स्पाइडरमैन वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र हैं। युवा और बुजुर्ग प्राकृतिक फूलों से बने रंगों की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीत कौर का कहना है कि होली खेलते समय केवल प्रमाणित हर्बल रंगों का ही उपयोग करें ताकि त्वचा को नुकसान ना पहुंचे।
बाजार में पिछले 10 दिनों से रंगों की खरीदारी शुरू हो चुकी है। ग्राहक प्रमाणित रंगों की मांग ज्यादा कर रहें। ग्राहकों से निवेदन है कि अच्छी गुणवत्ता का रंग खरीदें। वहीं इस बार होली के त्योहार में बिक्री अधिक है ऐसे में मुनाफे की उम्मीद है।
- पवन नारंग, दुकानदार।
सूखे गुलाल हर्बल की मांग ज्यादा है। लोग खुले रंग के बजाय पैकिंग के रंगों की मांग ज्यादा कर रहे हैं। वहीं बच्चों में पिचकारियां व मुखौटा आदि की खरीदारी ज्यादा है ताकि चेहरे को केमिकल रंगों से बचाया जा सके।
- राजबीर, दुकानदार।
बाजार में पिछले दो दिनों से अच्छी रौनक है। लोग नए-नए आइटम की मांग ज्यादा कर रहे हैं। होली के अगले दिन तक रंगों की खरीदारी जारी रहती है। होली रंगों और उमंगों का त्योहार है। हर वर्ग के लोग इसे खुशी के साथ मनाते हैं।
-संदीप, दुकानदार।