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Fatehabad News: हिंदी अपनी भाषा प्यारी, दर-दर ठोकर खा-खा हारी, इंग्लिश अपना रौब जमाए, बेबस हिंदी किसे बताए

Sun, 13 Sep 2026 10:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। पावर ग्रिड द्वारा आयोजित काव्य सम्मेलन में कवियों को सम्मानित करते अधिकारीस्त्रोत आ
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फतेहाबाद। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के उपकेंद्र में हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़े के तहत काव्य सम्मेलन हुआ। कवियों ने अपनी रचनाओं से हिंदी के महत्व, सम्मान और उपयोग का संदेश दिया। कार्यक्रम में कर्मचारियों ने भी उत्साह से भाग लिया।
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पावर ग्रिड के विश्राम गृह में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ उप महाप्रबंधक जितेंद्र कुमार ने की। साहित्यकार एवं यायावर छायाकार डॉ. ओमप्रकाश कादयान मुख्य अतिथि रहे। अभियंता सुधाकर रावत ने मंच संचालन किया।
कवयित्री सुमनलता सुमन ने हिंदी की उपेक्षा पर अपनी कविता सुनाई। उन्होंने कहा, हिंदी अपनी भाषा प्यारी, दर-दर ठोकर खा-खा हारी, इंग्लिश अपना रौब जमाए, बेबस हिंदी किसे बताए। उन्होंने चाह कर भी सो नहीं अब पा रहा है आदमी कविता से पैसे के पीछे भागते मनुष्य की मनोवैज्ञानिक स्थिति भी सामने रखी।
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फतेहाबाद के कवि एवं वैदिक प्रवक्ता डॉ. सुदामा शास्त्री ने हिंदी का गुणगान करते हुए कहा, ज्ञान-विज्ञान, सुजान हिंदी, सारे जहां में महान हिंदी, हिंदुस्तान की पहचान, मेरा दिल मेरा ईमान है हिंदी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी आवाज उठाई।
शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. सुमन कादयान ने हिंदी का सम्मान करने और कामकाज में हिंदी के प्रयोग की बात कही। उन्होंने बदलती जीवनशैली में पैसे के बढ़ते प्रभाव पर कहा, मस्त जीवन को खा गया पैसा, ख्वाबों पर भी छा गया पैसा, प्रकृति को भुला गया पैसा, बच्चों की मासूमियत खा गया पैसा।
कवयित्री रश्मि अरोड़ा ने कविता के माध्यम से जीवन और देश के विकास में हिंदी की भूमिका का सुंदर चित्रण किया। सुधाकर रावत ने भी अपनी रचनाओं से माहौल में रंग भरा। पावर ग्रिड के प्रबंधक रमन कुमार, कनिष्ठ अभियंता चंद्र किरण, पंकज सहाय, अमर सिंह, आयुष कुमार और सूर्यांश ने भी अपनी बात रखी और कविताएं प्रस्तुत कीं।
वरिष्ठ उप महाप्रबंधक जितेंद्र कुमार ने कहा कि हमें अपनी राजभाषा हिंदी पर गर्व करना चाहिए। बोलने, लिखने और पढ़ने में हिंदी का प्रयोग कर देश और समाज को प्रगति की राह पर ले जाया जा सकता है। भारत के अनुकरणीय विकास में हिंदी की अहम भूमिका है।
मुख्य अतिथि डॉ. ओमप्रकाश कादयान ने कहा कि हिंदी की पत्र-पत्रिकाओं, श्रेष्ठ साहित्य, साहित्यकारों, दूरदर्शन, आकाशवाणी केंद्रों और हिंदी सिनेमा ने देश के विकास में खासा योगदान दिया है। सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए हिंदी को सर्वोपरि स्थान देना चाहिए।
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