नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर लगी मरीजों की भीड़
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फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने दोहरा झटका दिया है। एक तरफ तो पिछले तीन महीने से टेस्ट कूपन खत्म होने से इलाज रुका हुआ है वहीं नागरिक अस्पताल के फीजिशियन और हेपेटाइटिस सी के नोडल अधिकारी डॉ. अजय चुघ का हिसार तबादला हो गया है। टेस्ट कूपन न होने के कारण करीब 150 मरीजों का उपचार रुका हुआ था और 200 मरीजों का उपचार चल रहा था। फीजिशियन के तबादले के बाद फिलहाल मरीजों का उपचार पूरी तरह से प्रभावित होगा, जब तक दूसरे फीजिशियन की नियुक्ति यहां पर नहीं होती है। हालांकि एक फीजिशियन पहले है लेकिन उसके पास टीबी का चार्ज है। वहीं अधिकारियों की माने तो अभी टेस्ट कूपन आने में समय लग सकता है, हालांकि एजेंसी को टेंडर हो चुका है।
इसलिए जरूरी है फीजिशियन और टेस्ट कूपन
जिला में हेपेटाइटिस सी के करीब पांच हजार लोग प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास 4200 मरीज रजिस्टर्ड भी हैं, इसमें से 3500 मरीजों का उपचार हो चुका है। काला पीलिया के प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने करीब तीन साल पहले फीजिशियन की नियुक्ति यहां पर की थी। फरवरी 2017 में विभाग ने प्रोजेक्ट शुरू करके जिला अस्पताल में काला पीलिया का उपचार शुरू किया था। पहले मरीजों को रोहतक पीजीआई भेजा जाता था। विभाग मरीज को कूपन उपलब्ध करवाता है जिससे मरीज के टेस्ट निशुल्क होते हैं और दवाईयां मिलती है। लेकिन पिछली एजेंसी का टेंडर खत्म होने के कारण टेस्ट कूपन खत्म थे और मरीज का उपचार शुरू नहीं हो पा रहा है। अब स्पेशलिस्ट डॉ. अजय चुघ का भी तबादला हो गया है।
इसलिए जरूरी है टेस्ट
स्वास्थ्य विभाग उपचार शुरू करने से पहले वायरस लोड व जिनोटाइप टेस्ट करवाता है। जांच रिपोर्ट में पुष्टि के बाद मरीज का उपचार शुरू किया जाता। मरीज का तीन माह तक उपचार चलता है, अगर लीवर खराब है तो मरीज को छह माह तक दवाई खानी पड़ती है। मुख्यालय ने टेस्ट के लिए कंपनी के साथ अनुबंध कर रखा है, ये कंपनी मरीज का टेस्ट निशुल्क करती है।
वर्जन
काला पीलिया के टेस्ट कूपन को लेकर एजेंसी को टेंडर जारी हो गया है। जल्द ही कूपन अस्पताल में पहुंच जाएंगे। जहां तक फीजिशियन की बात है, इसकी भी व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. सूरजभान कंबोज, स्वास्थ्य महानिदेशक, पंचकूला